महिला के साथ रेपकर बनाया अश्लील वीडियो, फिर भेज दिया पति को, अब दिल्ली पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में किया गिरफ्तार | delhi police arrest a man who raped a woman and obscene video then sent to her husband
नई दिल्ली. दिल्ली में कानून के लंबे हाथों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह न्याय की जद से बच नहीं सकता. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 5 साल से फरार चल रहे यौन शोषण के आरोपी सुमित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. 34 वर्षीय सुमित मिश्रा पर 2021 में एक युवती के साथ बलात्कार करने, उसे गर्भवती करने और उसके अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया व परिवार को भेजकर डराने-धमकाने का गंभीर आरोप है. वह साल 2021 से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था.
इस खौफनाक दास्तां की शुरुआत 7 मार्च 2021 को हुई थी. दिल्ली के एक मोहल्ला क्लीनिक में काम करने वाली स्नातक पास पीड़िता सिविल डिफेंस की नौकरी के लिए फॉर्म भरने सुमित मिश्रा की दुकान पर गई थी. सुमित वहां एक जनरल स्टोर और डॉक्यूमेंटेशन की दुकान चलाता था. मदद के बहाने सुमित ने पीड़िता का मोबाइल नंबर ले लिया और बाद में कागजात देने के बहाने उसे बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी ने न केवल पीड़िता की अस्मत लूटी, बल्कि वह गर्भवती भी हो गई. दरिंदगी की हदें तब पार हो गईं जब सुमित ने पीड़िता के अश्लील वीडियो बना लिए और उन्हें पीड़िता के पिता, भाई और अन्य परिजनों को भेजकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. इस संबंध में दिल्ली के रणहौला थाने में एफआईआर संख्या 129/2021 दर्ज की गई थी.
विश्वासघात और दरिंदगी की शुरुआत
5 साल का वनवास और पुलिस पर हमला जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की, सुमित मिश्रा दिल्ली छोड़कर फरार हो गया. स्थानीय पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद वह हाथ नहीं आया, जिसके बाद जुलाई 2021 में तीस हजारी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया. अपनी पहचान छिपाने के लिए सुमित ने हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में ठिकाने बदले. वह कभी किसी हैचरी (मुर्गी फार्म) में काम करता तो कभी होटलों में वेटर बनकर वेश बदल-बदल कर रहता था. 2022 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने हरियाणा के सोनीपत में उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की थी, लेकिन वहां सुमित के साथियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया और वह भागने में सफल रहा. इस संबंध में सोनीपत के बरौदा थाने में भी उसके खिलाफ पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज है.
फिल्मी स्टाइल में हुआ गिरफ्तार
फिल्मी स्टाइल में हुई गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव के मुताबिक, हाल ही में हेड कांस्टेबल सवाई सिंह को सुमित के ठिकाने के बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी. इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने सुमित की हर हरकत पर तकनीकी और मानवीय निगरानी (Human Intelligence) रखनी शुरू की. 9 जनवरी 2026 को पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार के बाहरी इलाके में छापा मारा, लेकिन वहां भी वह अपने स्थानीय साथियों की मदद से भागने में सफल रहा. हालांकि, इस बार क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा नहीं छोड़ा. लगातार पीछा करने और घेराबंदी करने के बाद, आखिरकार 10 जनवरी 2026 को उसे बाहरी दिल्ली के इलाके से धर दबोचा गया.
साधारण चेहरा, लेकिन अपराध बड़ा
साधारण चेहरा, अपराधी सोच सुमित मिश्रा दिल्ली का ही रहने वाला है और वह इंटरमीडिएट पास है. चौंकाने वाली बात यह है कि उसकी मां और पत्नी दोनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और उसके दो बच्चे भी हैं (एक बेटी 11वीं में और बेटा 7वीं में पढ़ता है). कोविड-19 महामारी के बाद उसने रणहौला इलाके में अपनी दुकान खोली थी, जहां वह मासूम लड़कियों को अपना शिकार बनाने की फिराक में रहता था. गिरफ्तारी के बाद सुमित को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से रणहौला थाने के जांच अधिकारी ने उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया है.
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने उन तमाम अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है जो यह सोचते हैं कि समय बीतने के साथ पुलिस उनके गुनाहों को भूल जाएगी. 5 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी ने न केवल पीड़िता को न्याय दिलाया है, बल्कि पुलिस के इकबाल को भी बुलंद किया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है ताकि सुमित मिश्रा को उसके किए की सख्त से सख्त सजा मिल सके.