Tapeworms hide in these 4 winter vegetables: सर्दियों में मिलने वाली इन सब्जियों में छुपे होते हैं टेपवॉर्म, दिमाग को कर देते हैं खोखला
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Tapeworms hidden in winter vegetables: सर्दियों में कई तरह की हरी सब्जियां मिलती हैं. आप इन्हें हर दिन खाते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ सब्जियों में टेपवॉर्म भी छुपा होता है, जो बेहद ही खतरनाक होता है? जी हां, यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ सब्जियों के बारे में जिनमें मौजूद हो सकते हैं फीता कृमि. ये एक बार शरीर में अंदर पहुंच गए तो फिर सीधा दिमाग में जाकर कोशिकाओं, टिशू को खाना शुरू कर देते हैं, जिससे आपका ब्रेन खोखला हो सकता है. जानिए उन सब्जियों के नाम और टेपवॉर्म के नुकसान.

टेपवर्म एक प्रकार का सूक्ष्म कीड़ा होता है. इसे हिंदी में फीता कृमि कहते हैं. जब भोजन या पानी टेपवर्म के अंडे या लार्वा से दूषित हो जाता है तो इंसान या किसी भी जीव के आंतों में पहुंच जाता है. शरीर में जाने से टेपवॉर्म इंफेक्शन हो सकता है. कई बार अधपका मांस-मछली, कुछ सब्जियों को सही से पका कर न खाने से भी टेपवॉर्म संक्रमण हो जाता है. यह काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. टेपवॉर्म दिमाग में पहुंचकर टिशू को भी खा सकते हैं, जो घातक साबित हो सकता है. संक्रमित खाना और पानी पीने से बचना चाहिए. फीता कृमि दिमाग में पहुंचकर लार्वा बना सकते हैं, जिससे न्यूरोसिस्टिसारकोसिस जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. इससे व्यक्ति को दौरे पड़ना, सिर दर्द, नसों की बीमारी और मिर्गी हो सकती है. कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है.

सर्दियों में खासकर हरी सब्जियों को सही से पका कर खाना चाहिए, क्योंकि इनमें कीड़े छुपे होते हैं. नोएडा स्थित मेट्रो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार के अनुसार, सर्दियों में मिलने वाली कुछ सब्जियां ऐसी हैं, जिनमें टेपवॉर्म यानी फीता कृमि मौजूद हो सकते हैं. जानें कुछ सब्जियों के बारे में जिनमें टेपवॉर्म छुपे हो सकते हैं और इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह से साफ करना और पकाना बेहद जरूरी है.

फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है, जो ठंड के मौसम में खूब मिलती है. लोग इसे चाव से खाते भी हैं, लेकिन इनमें कीड़े बहुत होते हैं. कई बार ये कीड़े आंखों से दिखते भी नहीं हैं. गलती से अगर ये कीड़े खा लिए जाएं तो बहुत नुकसान हो सकता है. ये कीड़े सीधे दिमाग में पहुंच जाते हैं. ये मांसपेशियों, लीवर और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे मौत भी हो सकती है, इसलिए फूलगोभी को पकाने से पहले अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है. इसे काटने के बाद नमक वाले गर्म पानी में डालकर कुछ मिनट तक छोड़ दें.
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पत्ता गोभी के बारे में कई खबरें सामने आई हैं कि इसमें एक ऐसा कीड़ा मौजूद होता है, जो दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है. संभवत: ये फीताकृमि हो सकता है. अगर पत्ता गोभी को अच्छी तरह से आप धोकर नहीं पकाते हैं तो आपके लिए बेहद घातक साबित हो सकता है. सब्जी के साथ ही फिताकृमि के अंडे पेट में चले जाते हैं. फिर पेट में ही ये अंडे देते हैं. ये कृमि दिमाग तक भी पहुंच सकते हैं, इसलिए पत्ता गोभी को अच्छी तरह से धोकर और गर्म पानी में भाप देकर पकाएं. कुछ लोग सलाद या सूप में कच्ची पत्ता गोभी काटकर डाल देते हैं. इसे कच्चा भूलकर भी न खाएं.

शिमला मिर्च के बीज और अंदरूनी हिस्से में फिताकृमि के अंडे हो सकते हैं. अगर अच्छे से न धोया जाए तो ये अंडे शरीर में जाकर संक्रमण फैला सकते हैं. पकाने से पहले शिमला मिर्च के बीज निकालकर अच्छी तरह से धो लें. शिमला मिर्च कच्ची खाने की बजाय पकाकर खाना ही सुरक्षित है.

बैंगन में भी अंदर की तरफ फिताकृमि मौजूद हो सकते हैं. अगर बैंगन काटते समय आपको कीड़ा दिखे, तो उस बैंगन को फेंक देना ही अच्छा है, क्योंकि ये कीड़े कई बार अच्छी तरह से पकाने पर भी नहीं मरते हैं.