Health tips: छोटी-सी यह लापरवाही ले सकती है आपके बच्चे की जान! एक्सपर्ट ने बताया सही उपचार
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Mau News: सर्दियों में छोटे बच्चों का ध्यान देने की जरूरत है, वरना उन्हें किसी प्रकार की बीमारी अपना शिकार बना सकती है और नवजात की जान भी जा सकती है. लोकल 18 से बात करते हुए केशरी राज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुमन्त गुप्ता बताते हैं कि ठंड के मौसम में बच्चों में कोल्ड डायरिया बहुत ही आम बीमारी हो गई है, क्योंकि इस समय वायरस इनफेक्शन बहुत ज्यादा होता है.
मऊ: सर्दी का मौसम चल रहा है और देखा जा रहा है कि लोग कोल्ड डायरिया से परेशान होते जा रहे हैं. यदि आप भी घर से बाहर निकल रहे हैं और घर छोटे बच्चे हैं, तो सावधान हो जाए. कहीं ऐसा ना हो कि कोल्ड डायरिया आपकी परेशानी बढ़ा दे और यह बड़ी बीमारी का कारण बन जाए. आइए जानते हैं कि यदि कोल्ड डायरिया जैसी बीमारी से परेशान होते हैं, तो इसे कैसे बचा जा सकता है.
लोकल 18 से बात करते हुए केशरी राज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुमन्त गुप्ता बताते हैं कि ठंड के मौसम में बच्चों में कोल्ड डायरिया बहुत ही आम बीमारी हो गई है, क्योंकि इस समय वायरस इनफेक्शन बहुत ज्यादा होता है. ये वायरस हमारे पेट और आत को काफी इफेक्ट करते हैं, जिसकी वजह से कोल्ड डायरिया जैसी बीमारी हो जाती है. यदि आपके घर बच्चों को कोल्ड डायरिया जैसी बीमारी हो गई है, तो बच्चों के प्रति विशेष सावधानियां बरते, वरना आपकी समस्याएं बढ़ सकती है.
प्रॉपर करते रहें हैंड सेनीटाइजर
इससे बचने के लिए बच्चों के हाथों को हैंड सेनीटाइजर कराए, अच्छे से हाथों को धूलने के बाद ही खाना खिलाए और साफ-सुथरे कपड़े पहनाए, जो लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं, उनसे बच्चों को दूर रखें. खान-पीन में विशेष ध्यान देना चाहिए, जैसे मूंग के दाल की खिचड़ी, दाल का पानी और पानी ज्यादा से ज्यादा पिलाई और दूध का सेवन बच्चों को कम करने दें, क्योंकि दूध बच्चों को काफी नुकसान कर सकता है. कड़ा पदार्थ नुकसान कर सकती है और प्रोटीन युक्त पदार्थ भी ज्यादा बच्चों को नुकसान कर सकता है.
छोटी-सी लापरवाही ले सकती है जान
यदि कोल्ड डायरिया को नजर अंदाज किया जाता है, तो आपके बच्चे की जान तक जा सकती है. इसलिए यदि कोल्ड डायरिया से आपका बच्चा शिकार है, तो उसका तत्काल इलाज कराए, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही आपके बच्चे की जान ले सकती है. यदि चाहते हैं कि इसका घर पर उपचार करना है, तो इसका उपचार करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखते हुए किया जा सकता है. जैसे नमक पानी का घोल मिलाकर इसका सेवन करें, तो बच्चा सही हो सकता है. यदि स्थिति कुछ ज्यादा बढ़ गई है, तो उसका योग्य चिकित्सक को दिखाकर ही उसके परामर्श से इलाज कराएं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.