JEE NEET Preparation Strategy for Hindi Medium Students Tips and Guidance | हिंदी मीडियम से जेईई-नीट टॉपर बनने का सपना? काम आएगा सीक्रेट फॉर्मूला

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नई दिल्ली (JEE NEET Preparation for Hindi Medium Students). भारत में इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं यानी जेईई और नीट बहुत कठिन जानी जाती हैं. हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के मन में अक्सर संशय रहता है कि क्या वे अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के साथ इस रेस में मुकाबला कर पाएंगे. कई स्टूडेंट्स को लगता है कि टॉप लेवल के स्टडी मटीरियल और कोचिंग की सुविधाएं केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध हैं, जिससे उनका कॉन्फिडेंस कमजोर हो जाता है.

पिछले कुछ सालों के जेईई, नीट रिजल्ट देखें तो हिंदी माध्यम के स्टूडेंट्स न केवल इन परीक्षाओं में पास हुए हैं, बल्कि टॉप रैंक हासिल करके पुराना मिथक भी तोड़ दिया है. विज्ञान और गणित जैसे विषयों के लिए भाषा से अधिक ‘कॉन्सेप्ट’ की समझ मायने रखती है. हिंदी माध्यम वालों के लिए मुख्य चुनौती भाषा नहीं, बल्कि सही रिसोर्सेस का अभाव और शब्दावली का बदलाव होता है. अगर सही स्ट्रैटेजी, प्रैक्टिस और मॉडर्न रिसोर्सेस का इस्तेमाल किया जाए तो हिंदी मीडियम वाले भी नीट और जेईई परीक्षा में अपना परचम लहरा सकते हैं.

हिंदी मीडियम वाले जेईई, नीट की तैयारी कैसे करें?

हिंदी मीडियम वालों के लिए जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन नामुमकिन बिल्कुल भी नहीं है. सही स्ट्रैटेजी बनाकर आप इस साल जेईई और नीट परीक्षाएं पास कर सकते हैं.

भाषा नहीं, कॉन्सेप्ट पर दें ध्यान

जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में प्रश्न आपकी भाषा की शुद्धता नहीं, बल्कि लॉजिकल थिंकिंग और विषय की समझ परखते हैं. न्यूटन के नियम या मानव शरीर की संरचना (Human Anatomy) हिंदी और अंग्रेजी दोनों में समान रहती है. इसलिए सबसे पहले स्वीकार करें कि भाषा आपकी कमजोरी नहीं है. अपनी एनर्जी को कठिन विषयों को गहराई से समझने में लगाएं.

अंग्रेजी शब्दावली (Terminology) से करें दोस्ती

भले ही आप परीक्षा हिंदी में दे रहे हों लेकिन वैज्ञानिक शब्दों को अंग्रेजी में भी जानना फायदेमंद होगा. कई बार हिंदी अनुवाद थोड़े कठिन या भ्रमित करने वाले हो सकते हैं. अगर आपको ‘Force’ का अर्थ ‘बल’ के साथ-साथ ‘Force’ के रूप में भी पता है तो आप स्टैंडर्ड किताबों और ऑनलाइन रिसोर्सेस का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे. यह आपको मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में जाने के बाद भी मदद करेगा.

सही स्टडी मटीरियल का चुनाव

एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए सबसे बड़ा हथियार हैं. नीट के लिए जीव विज्ञान और जेईई के लिए रसायन विज्ञान की एनसीईआरटी को कम से कम 5-10 बार पढ़ें. वर्तमान में कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल विशेष रूप से हिंदी माध्यम के लिए हाई क्वॉलिटी वाले वीडियो लेक्चर और नोट्स प्रदान कर रहे हैं, उनका फायदा उठाएं.

क्या हिंदी मीडियम वालों को ज्यादा परेशानी होती है?

हिंदी मीडियम वालों को शुरुआत में थोड़ी चुनौतियां आती हैं. हाई लेवल रेफरेंस बुक्स और मॉक टेस्ट सीरीज अक्सर अंग्रेजी में ही उपलब्ध होती हैं. कुछ अनुवादित प्रश्नों की भाषा भी कठिन हो सकती है. लेकिन एनटीए अब द्विभाषी (Bilingual) पेपर प्रदान करती है, जिससे छात्रों को दोनों भाषाओं में प्रश्न देखने की सुविधा मिलती है. यह ‘परेशानी’ केवल तब तक है, जब तक आप अपनी शब्दावली पर पकड़ नहीं बना लेते.

मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस का महत्व

हिंदी माध्यम से स्कूली पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए सबसे जरूरी है कि वे हिंदी में उपलब्ध पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (PYQs) हल करें. इससे जेईई और नीट परीक्षा के पैटर्न और भाषा की गहराई का अंदाजा होगा. नियमित रूप से टेस्ट देने से टाइम मैनेजमेंट सुधरेगा और परीक्षा के दिन तनाव कम रहेगा. आप चाहें तो सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों से संपर्क कर सकते हैं, जो हिंदी में ये परीक्षाएं पास कर चुके हों.

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