चित्रकूट की इस महिला प्रधान ने बहू के साथ मिलकर गांव में किया ऐसा काम, सीधे दिल्ली से आया बुलावा

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कहते हैं हौसले उसी के बुलंद होते हैं, जिनके सपनों में सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए उड़ान होती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के एक छोटे से गांव की महिला ने, जिसने अपनी पहली प्रधानी में ही विकास की ऐसी इबारत लिख दी कि अब उसका नाम गांव, ब्लॉक और जिले की सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है. हम बात कर रहे हैं चित्रकूट के मऊ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम इटहा देवीपुर की महिला प्रधान निर्मला देवी की, जिन्हें 26 जनवरी को आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली से बुलावा आया है. खास बात यह है कि इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री स्वयं उन्हें उनके गांव में किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों के लिए सम्मानित करेंगे. निर्मला देवी ने अपनी पहली प्रधानी में ही यह साबित कर दिया कि अगर सोच साफ हो और नीयत मजबूत हो तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं.

गांव की हर गली में पक्की सड़क

बता दें कि इस पूरे गांव में जहां पहले कच्ची गलियां, जलभराव और अव्यवस्था आम बात थी, वहीं आज पक्की सड़कों का जाल बिछ चुका है, हर घर तक सड़क और नाली की व्यवस्था की गई है, जिससे बरसात के दिनों में भी लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होती है और गांव के स्कूलों की तस्वीर भी पूरी तरह बदल चुकी है. स्कूलों का कायाकल्प कराया गया, बच्चों के बैठने, पढ़ने और मध्यान्ह भोजन करने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए है.और पंचायत भवन और ग्राम सचिवालय का भी सुंदरीकरण कराया गया, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े.

गांव के लोग बोले पांच वर्षों में हुआ ज्यादा विकास 

वही गांव के बुजुर्ग निवासी दयाराम सहित अन्य लोगों ने बताया कि जितना विकास बीते पांच वर्षों में हुआ है, उतना आजादी के बाद से अब तक नहीं देखा गया. उनके मुताबिक पहले बरसात में गांव से निकलना मुश्किल हो जाता था. नालियां नहीं थीं, सड़कें कच्ची थीं,और आज हमारे गांव की लगभग हर गली पक्की है,स्कूल चमक रहे हैं और गांव में रौशनी भी है. हमें कभी नहीं लगा था कि हमारा गांव इतना आगे बढ़ पाएगा.

अपनी सास के साथ मिलकर किया विकास 

प्रधान प्रतिनिधि ज्योति सिंह ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि वह निर्मला देवी की बहू हैं. पढ़ाई-लिखाई और नई सोच के साथ उन्होंने सास के साथ मिलकर योजनाओं को जमीन पर उतारा है.एक समय ऐसा था जब बच्चों के पास स्कूल जाने के लिए रास्ता तक नहीं था. सबसे पहले हमने वही बनवाया, फिर पंचायत भवन, स्कूल और पक्की सड़के सहित गांव के अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम किया है.ताकि गांव के लोगों को हर सुविधा मिल सके.

ग्राम प्रधान बोली मौका मिला तो और करेंगे विकास 

वही ग्राम इटहा देवीपुर गांव की महिला प्रधान निर्मला देवी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि उन्होंने अपनी पहली प्रधानी में ही गांव में तालाबों का सुंदीकरण, बाउंड्री वाल, लाइटें, पक्की सड़कों का निर्माण करवाया है. ताकि हमारा गांव एक अच्छा गांव दिख सके और लोगों को बरसात के समय भी आवागमन में दिक्कत न हो. उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतना अच्छा कार्य करने के बाद हमको दिल्ली से बुलावा आएगा. उन्होंने अपने गांव में हुए विकास का श्रेय सरकार और बहु को दिया है. उनका कहना है कि मेरी बहु पढ़ी लिखी है और उसके साथ मिलकर मैने गांव का विकास किया है. अगर आगे मौका मिलता है तो गांव में बचा हुआ कार्य पूरा करेंगे.

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