Kitchen Gardening : धनिया-मिर्चा की तरह उगेगा तेजपत्ता, जानें गमले में लगाने की कम देखभाल वाली ट्रिक – Uttar Pradesh News
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Kitchen Gardening Tips : तेजपत्ता एक ऐसा मसला है जिसकी मांग अधिक रहती है. ये खाने का स्वाद बढ़ा देता है. पोषक तत्वों से भी भरपूर है. अपने जादुई गुणों की वजह से ये हर रसोइए का फेवरेट है. धनिया-मिर्जा की तरह आप तेजपत्ते का पौधा अपने घरों में भी उगा सकते हैं. अक्सर लोग यह सोचकर तेजपत्ता का पौधा घर पर नहीं लगाते कि इसकी देखभाल मुश्किल होगी या इसके लिए बड़ी जगह चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है. आप इसे छोटे से गमले में भी उगा सकते हैं.

तेजपत्ता एक ऐसा मसाला है, जो हर रसोई में खाने का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ा देता है. लेकिन बाजार से मिलने वाले तेजपत्तों में अक्सर वो ताजगी और असली सुगंध नहीं होती, जिसकी हमें उम्मीद रहती है. ऐसे में अगर आपके घर में ही ताजा तेजपत्ता उपलब्ध हो जाए, तो स्वाद के साथ सेहत को भी फायदा मिल सकता है. अक्सर लोग यह सोचकर तेजपत्ता का पौधा घर पर नहीं लगाते कि इसकी देखभाल मुश्किल होगी या इसके लिए बड़ी जगह चाहिए. मगर ऐसा नहीं है. तेजपत्ते का पौधा बहुत ही कम देखभाल में, छोटे स्थान पर भी आसानी से उगाया जा सकता है. तेजपत्ते का पौधा आप गमले और बालकनी, छत या आंगन में आराम से लगा सकते हैं.

बाराबंकी के कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि तेजपत्ता की बागवानी कर अच्छी कमाई भी की जाती है. लोग अपने घर के गमले, बालकनी और गार्डन में भी इसे उगा सकते हैं. इसके लिए न तो ज्यादा जगह की जरूरत होती है, न किसी तकनीकी की. आप इसे छोटे से गमले में भी उगा सकते हैं.

तेज पत्ता बीज से उगाना थोड़ा कठिन और समय लेने वाला काम है, इसलिए सबसे अच्छा तरीका है कि किसी नर्सरी से इसका छोटा पौधा खरीद लें. नर्सरी से ऐसा पौधा लें जो हेल्दी हो और जिसकी पत्तियां गहरे हरे रंग की हों. तेज पत्ता लगाने के लिए फरवरी-मार्च या मानसून के दौरान का समय सबसे अच्छा माना जाता है.
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तेज पत्ता एक घना व झाड़ीदार होता है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए. शुरुआत के लिए कम से कम 12 से 15 इंच का बड़ा गमला लें. ध्यान रहे कि गमले के नीचे ‘ड्रेनेज होल’ जरूर हो, ताकि फालतू पानी निकल सके. उपजाऊ और भुरभुरी मिट्टी के लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और रेत या कोकोपिट मिलाएं. इससे मिट्टी में जलभराव नहीं होगा और जड़ें हेल्दी रहेंगी.

तेज पत्ता एक ऐसा पौधा है जिसे धूप बहुत पसंद है, लेकिन बहुत अधिक चिलचिलाती गर्मी इसे नुकसान पहुंचा सकती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां इसे दिन की 4 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिले. मई और जून की भीषण गर्मी में इसे सीधे दोपहर की धूप से बचाएं. बहुत अधिक गर्मी से इसकी पत्तियों के किनारे जलने लगते हैं. यदि आप इसे बालकनी में रख रहे हैं, तो सुबह की धूप इसके लिए सबसे अच्छी होती है.

तेज पत्ते के पौधे को मीडियम पानी की जरूरत होती है. पानी देते समय ओवर-वॉटरिंग यानी जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें. जब गमले की ऊपरी मिट्टी 1-2 इंच तक सूखी लगे, तभी पानी दें. गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे जड़ें सड़ सकती हैं. सर्दियों के मौसम में पानी की मात्रा कम कर दें. इस दौरान पौधे की वृद्धि धीमी हो जाती है और उसे कम नमी की जरूरत होती है.

पौधे को घना और स्वस्थ रखने के लिए उसकी देखभाल जरूरी है. साल में दो बार अच्छी खाद दें. घर में बनी चाय पत्ती की खाद या पुरानी गोबर खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि जब इस्तेमाल की हुई चायपत्ती डालें, तो उसे अच्छी तरह से धो लें ताकि दूध और चीनी की वजह से फंगस का खतरा न रहे.

जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो ऊपर से इसकी नई टहनियों की छंटाई करते रहे. इससे पौधा ऊंचा होने के बजाय घना बनेगा. जब पौधा 2-3 साल का हो जाए और उसकी पत्तियां सख्त व गहरे हरे रंग की हो जाएं, तब आप पत्तियों को तोड़ सकते हैं. ताजी पत्तियों को छाया में सुखाकर स्टोर करने से उनकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है.