वो हीरोइन, जिसे डेब्यू फिल्म से मिला स्टारडम, नोटों की गड्डियां लेकर घर पहुंच जाते थे मेकर्स!
Last Updated:
महेश भट्ट की एक फिल्म ने हीरोइन को वो स्टारडम दिया, जिसका सपना हर कलाकार देखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस दौर में निर्माता उनके घर साइनिंग अमाउंट तो ले आते थे, पर उनके पास कहानी तक नहीं होती थी? क्या आप बता सकते हैं कि हम किस हीरोइन की बात कर रहे हैं?
हीरोइन ने डेब्यू फिल्म में यादगार रोल निभाय था. (फोटो साभार: IANS)नई दिल्ली: साल 1990 में जब ‘आशिकी’ रिलीज हुई, तो पर्दे पर एक सांवली और तीखे नैन-नक्श वाली लड़की को देखकर पूरा देश दीवाना हो गया था. यह लड़की थीं अनु अग्रवाल. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और अनु रातों-रात ‘आशिकी गर्ल’ बन गईं. लेकिन इस बेशुमार शोहरत के बीच एक ऐसा दौर भी आया जिसने अनु को हैरान कर दिया था.
अनु अग्रवाल ने अपने एक पुराने इंटरव्यू को याद करते हुए बताया था कि ‘आशिकी’ की सफलता के बाद उनके घर के बाहर निर्माताओं की लाइन लग गई थी. दिलचस्प बात यह थी कि करीब 98 प्रतिशत निर्माताओं के पास फिल्म की कोई स्क्रिप्ट या कहानी ही नहीं होती थी. अनु कहती हैं, ‘लोग मेरे पास सिर्फ पैसे लेकर आ जाते थे और कहते थे कि फिल्म साइन कर लो. जब मैं उनसे स्क्रिप्ट मांगती, तो उनका जवाब होता था कि कहानी तो बन जाएगी, आप बस साइन कर दीजिए. लेकिन मैं एक कलाकार थी, मुझे पैसे से ज्यादा अपनी भूमिका की परवाह थी.’ अनु की यह जिद बताती है कि वे उस दौर में भी अपने काम को लेकर कितनी पक्की थीं.
स्टारडम से कोमा तक का दर्दनाक सफर
अनु अग्रवाल का करियर जितनी तेजी से ऊपर गया, नियति ने उन्हें उतना ही गहरा जख्म भी दिया. ‘आशिकी’ के बाद उन्होंने ‘किंग अंकल’ और ‘खल-नायिका’ जैसी फिल्मों में काम किया. 1999 में एक कार एक्सीडेंट ने उनकी जिंदगी बदल दी. अनु 29 दिनों तक कोमा में रहीं. उनके चेहरे और शरीर पर इतनी गंभीर चोटें आईं कि उन्हें पहचान पाना मुश्किल हो गया था. अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी. उन्होंने मौत के मुंह से वापस आने के बाद अपनी जर्नी पर एक किताब लिखी. आज वे फिल्मी चमक-धमक से दूर योगा और अध्यात्म के जरिए लोगों की जिंदगी संवार रही हैं.
‘आशिकी’ की विरासत
आज भी जब ‘सांसों की जरूरत है जैसे’ या ‘नजर के सामने’ जैसे गाने बजते हैं, तो अनु अग्रवाल का वो मासूम चेहरा आंखों के सामने आ जाता है. अनु भले ही आज फिल्मों में सक्रिय न हों, लेकिन 90 के दशक के सिनेमाई इतिहास में उनका नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है.
About the Author
अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें