ठंड के मौसम में बथुआ में मिलाकर बनाएं अरहर की दाल, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन से है भरपूर, सेहत के लिए है फायदेमंद

Share to your loved once


Last Updated:

Bethua recipe: ठंड के मौसम में शरीर को गर्माहट और पोषण दोनों की जरूरत होती है. ऐसे में बथुआ दाल एक बेहतरीन विकल्प है. हरी सब्ज़ियों में बथुआ सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है, जो साधारण दाल को भी खास और पौष्टिक बना देता है.

ठंड के मौसम में शरीर को गर्माहट और पोषण दोनों की जरूरत होती है. ऐसे में बथुआ दाल एक बेहतरीन विकल्प है. हरी सब्ज़ियों में बथुआ सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है, जो साधारण दाल को भी खास और पौष्टिक बना देता है.

ठंड के मौसम में शरीर को गर्माहट और पोषण दोनों की जरूरत होती है. ऐसे में बथुआ दाल एक बेहतरीन विकल्प है. हरी सब्ज़ियों में बथुआ सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है, जो साधारण दाल को भी खास और पौष्टिक बना देता है.

आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि बथुआ में आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन A और C भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह खून की कमी को दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, जो सर्दियों में बेहद जरूरी है.

आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि बथुआ में आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन A और C भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह खून की कमी को दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, जो सर्दियों में बेहद जरूरी है.

गृहणी शर्मीला सुमी ने बताया की अरहर दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और जब इसमें बथुआ मिलाया जाता है तो इसका पोषण कई गुना बढ़ जाता है. यह कॉम्बिनेशन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और शरीर को ऊर्जा देता है.

गृहणी शर्मीला सुमी ने बताया की अरहर दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और जब इसमें बथुआ मिलाया जाता है तो इसका पोषण कई गुना बढ़ जाता है. यह कॉम्बिनेशन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और शरीर को ऊर्जा देता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

उन्होंने कहा कि बथुआ दाल न सिर्फ सेहतमंद होती है बल्कि स्वाद में भी कमाल की लगती है. जीरा, लहसुन, अदरक और देसी मसालों का तड़का इसकी खुशबू और स्वाद को और भी बढ़ा देता है. इसे बनाना भी बेहद आसान है, खास कुकिंग स्किल की जरूरत नहीं.

उन्होंने कहा कि बथुआ दाल न सिर्फ सेहतमंद होती है बल्कि स्वाद में भी कमाल की लगती है. जीरा, लहसुन, अदरक और देसी मसालों का तड़का इसकी खुशबू और स्वाद को और भी बढ़ा देता है. इसे बनाना भी बेहद आसान है, खास कुकिंग स्किल की जरूरत नहीं.

शिव कुमार पांडे ने कहा कि सर्दियों में अक्सर कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं. यह बथुआ में मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और आंतों को साफ करने में मदद करता है. बथुआ दाल पेट के लिए हल्की और आरामदायक होती है.

शिव कुमार पांडे ने कहा कि सर्दियों में अक्सर कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं. यह बथुआ में मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और आंतों को साफ करने में मदद करता है. बथुआ दाल पेट के लिए हल्की और आरामदायक होती है.

उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन आम हैं. बथुआ दाल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होती है.

उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन आम हैं. बथुआ दाल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होती है.

बथुआ दाल कम कैलोरी और हाई फाइबर वाली डिश है, जो वजन कंट्रोल करने वालों के लिए भी अच्छी है. साथ ही यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मदद करती है.

बथुआ दाल कम कैलोरी और हाई फाइबर वाली डिश है, जो वजन कंट्रोल करने वालों के लिए भी अच्छी है. साथ ही यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मदद करती है.

बथुआ दाल बनाने के लिए सबसे पहले अरहर दाल को अच्छी तरह धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें, फिर कुकर में दाल, हल्दी और नमक डालकर पानी के साथ 3 सीटी आने तक पका लें. दूसरी ओर बथुआ के पत्तों को धोकर बारीक काट लें. कड़ाही में तेल या घी गर्म करें, उसमें जीरा और हींग डालकर चटकाएं, फिर सूखी लाल मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर हल्का भूनें.

बथुआ दाल बनाने के लिए सबसे पहले अरहर दाल को अच्छी तरह धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें, फिर कुकर में दाल, हल्दी और नमक डालकर पानी के साथ 3 सीटी आने तक पका लें. दूसरी ओर बथुआ के पत्तों को धोकर बारीक काट लें. कड़ाही में तेल या घी गर्म करें, उसमें जीरा और हींग डालकर चटकाएं, फिर सूखी लाल मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर हल्का भूनें.

इसके बाद हरी मिर्च और प्याज डालकर सुनहरा होने तक पकाएं, फिर टमाटर डालकर नरम करें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर मिलाएं, कटे हुए बथुआ के पत्ते डालें और थोड़ी देर पकाएं. तैयार तड़के में पकी हुई दाल डालकर अच्छी तरह मिलाएं, स्वादानुसार नमक जांच लें और 5–7 मिनट तक उबालें. अंत में ऊपर से हरी धनिया डालें और चाहें तो घी डालकर गरमा-गरम बथुआ दाल परोसें.

इसके बाद हरी मिर्च और प्याज डालकर सुनहरा होने तक पकाएं, फिर टमाटर डालकर नरम करें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर मिलाएं, कटे हुए बथुआ के पत्ते डालें और थोड़ी देर पकाएं. तैयार तड़के में पकी हुई दाल डालकर अच्छी तरह मिलाएं, स्वादानुसार नमक जांच लें और 5–7 मिनट तक उबालें. अंत में ऊपर से हरी धनिया डालें और चाहें तो घी डालकर गरमा-गरम बथुआ दाल परोसें.

गरमा-गरम बथुआ दाल को सादे चावल या रोटी के साथ परोसें और ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डाल दें. यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाएगा बल्कि शरीर को अंदर से गर्माहट भी देगा. सर्दियों में सेहत और स्वाद दोनों का मजा लेना है, तो बथुआ दाल को अपने लंच मेन्यू में जरूर शामिल करें.

गरमा-गरम बथुआ दाल को सादे चावल या रोटी के साथ परोसें और ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डाल दें. यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाएगा बल्कि शरीर को अंदर से गर्माहट भी देगा. सर्दियों में सेहत और स्वाद दोनों का मजा लेना है, तो बथुआ दाल को अपने लंच मेन्यू में जरूर शामिल करें.

homejharkhand

ठंड के मौसम में बथुआ में मिलाकर बनाएं अरहर की दाल, कैल्शियम, विटामिन से भरपूर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP