PM Modi Perform Omkar Chanting And Aarti At Somnath Tonight on Somnath Swabhiman Parv | benefits and rules of Omkar mantra chanting | सोमनाथ मंदिर में PM मोदी ओंकार जप में होंगे शामिल, जानें इस दिव्य मंत्र जप के फायदे और नियम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व शामिल होंगे और वे यहां ओंकार जप शामिल होने जा रहा है. सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है. आइए जानते हैं ओंकार मंत्र जप के फायदे और किस तरह किया जाता है यह मंत्र जाप…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ जाने वाले हैं और वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे. 10 जनवरी को शाम लगभग 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी ओंकार मंत्र का जाप करेंगे और उसके बाद सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो देखेंगे. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक सोमनाथ में आयोजित किया जा रहा है और ओंकार मंत्र का जाप किया जाएगा. यह पर्व भारत के उन असंख्य नागरिकों की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते रहेंगे. सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र का जप ना सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा में ध्यान और साधना की गहराई को भी दर्शाता है. आइए जानते हैं ओंकार मंत्र जप के फायदे और किस तरह किया जाता है यह मंत्र जाप…
हिंदू दर्शन में ब्रह्मांड की मूल ध्वनि ॐ
ओंकार यानी ॐ को हिंदू दर्शन में ब्रह्मांड की मूल ध्वनि माना गया है. कहा जाता है कि सृष्टि की शुरुआत इसी ध्वनि से हुई थी. वेदों, उपनिषदों और योग शास्त्रों में ओंकार को ईश्वर का स्वरूप बताया गया है. ऐसे में सोमनाथ जैसे ज्योतिर्लिंग स्थल पर प्रधानमंत्री का ओंकार जप करना आध्यात्मिक रूप से खास माना जा रहा है. ओंकार मंत्र दरअसल एक ही अक्षर का मंत्र है ॐ. यह तीन ध्वनियों से मिलकर बना है, अ, उ और म. ये तीनों ध्वनियां जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्त अवस्था का प्रतीक मानी जाती हैं. माना जाता है कि इस मंत्र का जप करने से मन, शरीर और आत्मा तीनों में संतुलन बनता है.
ओंकार मंत्र जप के लाभ
धार्मिक मान्यताओं और योग परंपरा के अनुसार, ओंकार जप से कई तरह के लाभ मिलते हैं. इस मंत्र के जप करने से ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव में कमी आती है और हर तरह की परेशानियां दूर हो जाती है. ओंकार मंत्र का जप कुंडली के सभी दोष दूर करता है और इस मंत्र का जप करने से आप स्वयं शिवजी के पास होने का अनुभव प्राप्त करते हैं. इस मंत्र का हर दिन जप करने से सभी नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और किसी भी तरह के दोष से मुक्ति मिलती है. छात्रों के लिए भी इस मंत्र का जप बेहद फायदेमंद बताया गया है, इस मंत्र के जप से ध्यान की क्षमता बढ़ती है, आत्मविश्वास और एकाग्रता मजबूत होती है. शास्त्रों में बताया गया है कि हर दिन इस मंत्र के जप करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति हो जाता है और शिवलोक की प्राप्ति होती है. साथ ही पूरी जिंदगी भगवान शिव की कृपा बनी रहती है.
ओंकार मंत्र जप कैसे किया जाता है?
ओंकार मंत्र का जप आप शिवालय या घर पर भी कर सकते हैं. इस मंत्र के जप के लिए आप आसन बिछाकर सुखासन या पद्मासन में बैठें. फिर आंखें बंद करके रीढ़ की हड्डी सीधी रखें, इसके बाद गहरी सांस लें और छोड़ते समय लंबी आवाज में ॐ का उच्चारण करें. ध्यान इस बात पर रखें कि ध्वनि नाभि से उठकर हृदय और मस्तिष्क तक पहुंचे. आप रुद्राक्ष की माला से ॐ या ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप कर सकते हैं.
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व
बता दें कि यह कार्यक्रम 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया जा रहा है. सदियों से इसे नष्ट करने के कई प्रयास किए जाने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था और राष्ट्रीय गौरव का एक शक्तिशाली प्रतीक बनकर खड़ा है, जिसका श्रेय इसे इसके प्राचीन वैभव में पुनर्स्थापित करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों को जाता है. स्वतंत्रता के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा किया गया. इस पुनरुद्धार यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 1951 में आया, जब जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में भक्तों के लिए औपचारिक रूप से खोला गया. 2026 में इस ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का विशेष महत्व और बढ़ गया है. इस समारोह में देशभर से सैकड़ों संत भाग लेंगे.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें