Embracing the spiritual culture of Kashi and Kumbh, this is a unique glimpse into Uttar Pradesh’s sacred sites, where millions of people flock to attain merit.
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Farrukhabad Latest News : फर्रुखाबाद में गंगा के पावन तट पर आस्था. परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. आज से पांचाल घाट पर ऐतिहासिक श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हो गया है. जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. पूरे मेला क्षेत्र में धार्मिक वातावरण. मंत्रोच्चार और भक्ति की गूंज दिखाई दे रही है.
गंगा तट पर सजी तंबुओं की नगरीफर्रुखाबाद: इस वर्ष रामनगरिया मेले को विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप दिया गया है. गंगा तट को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. भव्य प्रवेश द्वार. सुसज्जित मंच और व्यवस्थित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं. रात्रि के समय गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अनूठा अनुभव प्रस्तुत कर रहा है. मेले में हर ओर भक्ति और उल्लास का माहौल है.
धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले के दौरान गंगा स्नान. पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार चल रहा है. साथ ही रामकथा. भजन-कीर्तन. लोकगीत और लोकनृत्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. दिन से लेकर देर रात तक मंच पर कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है. जिससे मेले में आने वाले लोगों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आनंद मिल रहा है.
कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व
श्रीरामनगरिया मेले में कल्पवास का विशेष महत्व है. दूर-दराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं. मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है. कल्पवासी नियमित रूप से गंगा स्नान. जप-तप. यज्ञ. दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं. इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण नजर आता है.
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. मेला क्षेत्र में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है. सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है. फायर ब्रिगेड. एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी की गई है. साथ ही खोया-पाया केंद्र. महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था. साफ-सफाई और पेयजल की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
विकास प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
रामनगरिया मेले में विकास प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से स्वास्थ्य. शिक्षा. कृषि. महिला एवं बाल विकास. स्वरोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है. लोग इन स्टॉल पर पहुंचकर योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं और लाभ उठाने के तरीके समझ रहे हैं.
ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ा रामनगरिया मेला
रामनगरिया मेले का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना माना जाता है. मान्यता है कि इसका संबंध भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और गंगा स्नान की प्राचीन संस्कृति से है. पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है. पहले यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित था. लेकिन अब विकास प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जुड़ने से इसका स्वरूप और भी व्यापक हो गया है.