सबरीमाला सोना चोरी: तंत्री ने किया ऐसा काम, पता भी नहीं चला और हो गया खेल, SIT ने खोली पोल, अब उगलेगा असली राज – sabarimala temple gold theft case tantri senior most priest Kandararu Rajeevaru arrested sit tells how it happen

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Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला मंदिर से जुड़े बहुचर्चित सोना चोरी मामले में जांच ने एक अहम मोड़ ले लिया है. इस हाई-प्रोफाइल केस में मंदिर के तंत्री (मुख्य धार्मिक अधिकारी) कांतारू राजीव (राजीवरु) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हिरासत में लिया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. केरल विधानसभा चुनाव से पहले इन घटनाओं ने इस मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और संवेदनशील बना दिया है. हिरासत में लिए गए तंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए SIT ने चोरी कैसे की गई, इसको लेकर बड़ा खुलासा बताया है. अरेस्‍ट रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे सबरीमाला मंदिर से सोना गायब किया गया.

SIT द्वारा पेश की गई गिरफ्तारी रिपोर्ट में तंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, सबरीमाला मंदिर में सोने से मढ़ी गई तांबे की प्लेटें मुख्‍य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपे जाने के दौरान मंदिर की अनिवार्य धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं किया गया. खास तौर पर आदेश जारी करने से पहले देवता से अनुमति लेने की जो परंपरागत विधि है, उसे नजरअंदाज किया गया. आरोप है कि तंत्री ने इस अनियमितता को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सबरीमाला मंदिर के तंत्री होने के नाते राजीवरु पर मंदिर की पवित्रता, आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा की जिम्मेदारी थी. बावजूद इसके वह अनुष्ठानों से जुड़े मामलों में अंतिम अधिकारी होने के बावजूद कथित तौर पर चुप्पी साधे रहे और प्लेटों के ट्रांसफर पर मौन सहमति दे दी. जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि तंत्री समय रहते हस्तक्षेप करते या इस गंभीर चूक की जानकारी त्रावणकोर देवासम बोर्ड को देते तो कथित दुरुपयोग को रोका जा सकता था.

सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले में नया मोड़ क्या है?
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े गोल्ड चोरी मामले में बड़ा मोड़ आया है. विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर के सबसे वरिष्ठ तंत्री (मुख्य पुजारी) कंदरारू राजीवरु को गिरफ्तार किया है. यह इस मामले में 13वीं गिरफ्तारी है और तंत्री परिवार से पहली बार किसी की गिरफ्तारी हुई है.

तंत्री कंदरारू राजीवरु पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
SIT के अनुसार, राजीवरु पर मंदिर के श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों और साइड फ्रेम से सोने की परत उतारने और उसे मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपने में नियमों के उल्लंघन का आरोप है. जांच एजेंसी का कहना है कि तंत्री को पता था कि किसी भी तरह की मरम्मत या सोने का काम मंदिर परिसर में ही होना चाहिए, इसके बावजूद सोने से मढ़ी वस्तुएं बाहर ले जाने दी गईं.

जांच एजेंसियों का दावा क्या है?
रिमांड रिपोर्ट में SIT ने दावा किया है कि तंत्री ने जानबूझकर इस अवैध कृत्य को नजरअंदाज किया. साल 2019 में जब सोने से मढ़ी वस्तुएं वापस लाई गईं, तब भी तंत्री मंदिर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई. SIT का आरोप है कि तंत्री ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पोट्टी के हितों को आगे बढ़ाने की साजिश रची.

इस गिरफ्तारी का मंदिर की पूजा-पाठ और परंपराओं पर क्या असर पड़ेगा?
गिरफ्तारी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई है, लेकिन पूजा-पाठ प्रभावित नहीं होगा. पारंपरिक रोटेशन प्रणाली के तहत अगस्त 2025 से तंत्री की जिम्मेदारी परिवार के ही एक अन्य सदस्य महेश मोहनरु संभाल रहे हैं, इसलिए धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से जारी रहेंगे.

इस मामले पर बचाव पक्ष और अदालत का क्या रुख है?
तंत्री परिवार के सदस्य और सामाजिक टिप्पणीकार राहुल ईश्वर ने राजीवरु का बचाव करते हुए कहा है कि तंत्री का प्रशासनिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं होता. उनकी भूमिका केवल आस्था और अनुष्ठानों तक सीमित है. वहीं, हाईकोर्ट ने जांच को चार चरणों में बांटते हुए कहा है कि सोने की हेराफेरी एक सुनियोजित साजिश के तहत हुई. मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी.

सबरीमाला मंदिर हजारों-लाखों लोगों के लिए आस्‍था का केंद्र है.

अब ED का एक्‍शन

पूर्व मुख्य पुजारी कांतारू राजीवरु को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें तिरुवनंतपुरम स्पेशल सब जेल में शिफ्ट किया गया. उनकी जमानत याचिका पर कोल्लम विजिलेंस कोर्ट 13 जनवरी को सुनवाई करेगा. इसी बीच, ईडी ने एसआईटी द्वारा पहले दाखिल की गई दो चार्जशीट को मिलाकर एक ही मामले में एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है. इन चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों के नाम शामिल हैं. ईडी अब कथित अपराध से जुड़े पैसों के लेन-देन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी. एजेंसी को इस मामले में संदिग्ध संपत्तियों को अटैच और जब्त करने का अधिकार भी है.

अब तक 13 गिरफ्तार

अब तक एसआईटी 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो सभी न्यायिक हिरासत में हैं. सबरीमाला मंदिर के तंत्री 13 नंबर के आरोपी हैं. शुरुआती जांच में ईडी की नजर मुख्य आरोपियों उन्नीकृष्णन पोट्टी, गोवर्धन और पंकज भंडारी के वित्तीय लेन-देन पर है. धार्मिक आस्था के बड़े केंद्र सबरीमाला से जुड़ा यह मामला पहले ही व्यापक ध्यान खींच चुका है. अब ईडी की एंट्री और एसआईटी की तेज होती जांच के साथ आने वाले दिनों में इस केस के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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