मकर संक्रांति पर बनाएं, मुंह में घुलने वाले स्पॉन्जी, ‘लो फैट दही बड़े’, जमशेदपुर के पंकज लिट्टी की खास रेसिपी!
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Makar Sankranti Special Dahi Vade: जमशेदपुर में मकर संक्रांति पर पंकज लिट्टी की दुकान के लो-फैट दही बड़े खास पसंद किए जाते हैं. ये स्वाद और सेहत दोनों का ध्यान रखते हैं. आप भी अपने घर पर ठीक इनकी रेसिपी से वैसी ही स्पॉन्जी दही बड़े बना सकते हैं.
जमशेदपुर. मकर संक्रांति का पर्व आते ही हर घर में शुभता, ताजगी और स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू फैलने लगती है. इस दिन तिल, गुड़ और दही से बने पकवानों का विशेष महत्व होता है. दही न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि पाचन के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है. यही वजह है कि मकर संक्रांति के मौके पर दही बड़े की मांग खास तौर पर बढ़ जाती है. जमशेदपुर में तो इस पर्व पर लोग खास तौर पर “लो-फैट दही बड़े” बड़े चाव से खाते हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखते हैं.
दही बड़ा बनाना है कला
जमशेदपुर की मशहूर दही बड़े की दुकान पंकज लिट्टी के संचालक पंकज बताते हैं कि दही बड़ा बनाना केवल एक रेसिपी नहीं, बल्कि एक कला है. इसकी शुरुआत सही दाल के चुनाव से होती है. सबसे पहले आप अच्छी क्वालिटी की उड़द दाल लें और उसे 5–6 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. भिगोने के बाद दाल का पानी निकालकर उसे बहुत बारीक और फूला-फूला पीस लें. ध्यान रहे कि पीसते समय ज्यादा पानी न डालें, ताकि बैटर गाढ़ा रहे. बैटर को हाथ से या चम्मच से अच्छी तरह फेंटें, इससे दही बड़े नरम और स्पंजी बनते हैं.
दही से पहले पानी में डालें
अब कढ़ाही में तेल गरम करें और छोटे-छोटे बड़े सुनहरे रंग के होने तक तल लें. तले हुए बड़े सीधे दही में डालने की बजाय पहले हल्के गुनगुने पानी में 10 मिनट के लिए डालें. इससे बड़े का अतिरिक्त तेल निकल जाता है और वे मुलायम हो जाते हैं. इसके बाद बड़े को हल्के हाथ से दबाकर पानी निकाल लें.
सुंदर सजाएं दही बड़े
अब आती है दही की तैयारी. मकर संक्रांति के खास मौके पर गाढ़ा और ताजा दही का इस्तेमाल करें. दही को अच्छी तरह फेंटकर उसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर मिला लें. अब इन मुलायम बड़े को दही में डाल दें और ऊपर से लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और इमली की हल्की सी चटनी डालें. चाहें तो हरी धनिया से सजा सकते हैं.
इस संक्रांत बनाएं खास दही बड़े
पंकज बताते हैं कि मकर संक्रांति पर बनाए गए दही बड़े न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि दही की ठंडक और दाल की पौष्टिकता शरीर को संतुलन भी देती है. इस पर्व पर जब सूर्य उत्तरायण होता है, तब ऐसे हल्के और पाचक व्यंजन पूरे परिवार के लिए सेहत और स्वाद दोनों का आनंद बन जाते हैं.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें