बूंदी-बेसन छोड़, इस बार ट्राई करें सेठौरा लड्डू, शरीर होगा लोहे सा मजबूत, जानिए रेसिपी और फायदे – Uttar Pradesh News
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सर्दी का मौसम चल रहा है और इस दौरान लोग सेहत को मजबूत रखने के लिए पौष्टिक चीजों का सेवन करते हैं. ऐसे में सुल्तानपुर में सर्दियों के मौसम में सेठौरा खासतौर पर बनाकर खाया जाता है. थोड़ी-सी मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहता है, क्योंकि इसमें ड्राई फ्रूट्स और कई लाभकारी सामग्रियां मिलाई जाती हैं. ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि घर पर सेठौरा कैसे बनाया जाता है और इसे खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं, तो आइए जानते हैं.

आप लोगों ने बूंदी का लड्डू और बेसन का लड्डू जरूर खाया होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अजब-गजब लड्डू के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे लोग जानते तो सभी हैं, मगर लड्डू के रूप में शायद ही खाया हो. जी हां, हम बात कर रहे हैं सेठौरा की, जिसे सर्दी के मौसम में सुल्तानपुर में खूब पसंद किया जाता है.

सेठौरा एक ऐसा पारंपरिक आइटम है, जिसे किसी विशेष दिन बनाकर दिया जाता है. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में इसका खास महत्व है. जब किसी महिला को बच्चा पैदा होता है, तो उसके बाद घर में सेठौरा बनाया जाता है और लोगों में वितरित किया जाता है. साथ ही प्रसूता महिला को सेठौरा विशेष रूप से खिलाया जाता है, ताकि उसके शरीर की कमजोरी दूर की जा सके.

सेठौरा की सबसे खास बात यह है कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें अश्वगंधा और शतावरी जैसी औषधीय सामग्रियां मिलाई जाती हैं, जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती हैं.
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सेठौरा सर्दी के मौसम में खाया जाने वाला एक बेहतरीन पारंपरिक आइटम है. इसमें अधिकतर गर्म तासीर वाली चीजें मिलाई जाती हैं, इसलिए लोग इसे खासतौर पर सर्दियों में खाना पसंद करते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं.

सेठौरा बनाने वाली एक्सपर्ट सविता के अनुसार, सबसे पहले अलसी को पीस लेना चाहिए और फिर उसे एक दिन के लिए किसी डलिया में रख देना चाहिए, ताकि उसका दरबरापन निकल जाए. इसके बाद इसमें अन्य मसालों को अच्छी तरह मिलाया जाता है.

अलसी और मेवे का सेठौरा बनाने में आने वाली लागत के बारे में बताया गया कि यदि आप 1 किलो अलसी और मेवे का लड्डू बनाना चाहते हैं, तो इसमें लगभग 300 रुपये का खर्च आता है.

अलसी और मेवे का सेठौरा बनाने में आने वाली लागत के बारे में बताया गया कि यदि आप 1 किलो अलसी और मेवे का लड्डू बनाना चाहते हैं, तो इसमें लगभग 300 रुपये का खर्च आता है. इसमें सबसे ज्यादा खर्च ड्राईफ्रूट्स पर होता है, वहीं अलसी भी थोड़ी महंगी होती है.

सैठौरा एक पारंपरिक और पौष्टिक भारतीय खाद्य पदार्थ है, जो मुख्य रूप से गोंद, गेहूं के आटे, देसी घी, गुड़ और मेवों से तैयार किया जाता है. इसे सर्दियों में और खासतौर पर डिलीवरी के बाद महिलाओं को ताकत और गर्मी देने के लिए खाया जाता है. इसमें सबसे अहम भूमिका गोंद की होती है.