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Katarni chura: भागलपुर का कतरनी चूड़ा अपनी खास खुशबू और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. जिसे जीआई टैग मिला है. मकर संक्रांति के मौके पर इसकी डिमांड काफी बढ़ जाती है. यहां का चूड़ा दुबई के अलावे रांची, दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु में भी सप्लाई होती है. इस बार इसका रेट बढ़ने की संभावना है.

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भागलपुर: भागलपुर को सिल्क, जर्दालु, केला, लीची से तो जानते ही हैं. अब इसे कतरनी के लिए भी जाना जाने लगा है. यहां के कतरनी चूड़ा व कतरनी चावल ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना ली है. मकरसंक्रांति नजदीक है. ऐसे में लोगों के जहन में दही चूड़ा का स्वाद उभरने लगा है. अगर थाली में कतरनी चूड़ा आ जाए तो खाने का आनंद दोगुना हो जाता है. ये अपनी खुश्बू के लिए काफी प्रसिद्ध है.

क्या कतरनी चूड़ा की खासियत

जब इसको लेकर आभा रतनपुर के कतरनी धान के किसान मनीष सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां का कतरनी धान बिल्कुल ही अलग होता है. इससे जो चूड़ा तैयार होता है. उसमें एक अजीब सी खुशबू होती है. जो खाने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां कतरनी अलग होने की खास वजह है. जो पहाड़ों से वर्षा के दिनों में पानी उतरता है उसमें जो मिट्टी आती है वो अलग ही खुशबू लेकर आती है. जिसके कारण यहां का कतरनी अलग है. ये उपज कहीं भी हो सकता है लेकिन ये खुशबू नहीं मिल सकती है. यहां के कतरनी चावल को जीआई टैग भी मिल चुका है.

दुबई के लोग भी चख चुके हैं स्वाद

किसान मनीष सिंह ने अपनी कम्पनी बनाकर विदेश भी चूड़ा को सप्लाई कर रहे हैं. पिछले वर्ष दुबई के लोग भी इस चूड़ा का आनन्द लिए थे. इस बार भी जाने की संभावना है. इस बार बंगलुरु, रांची, दिल्ली, मुंबई चूड़ा भेजा गया है. यहां से पिछले 5 वर्षों से चूड़ा देश के कई गणमान्य को जाता है. मकर संक्रांति नजदीक आते ही कतरनी की खुशबू से पूरा बाजार महक उठता है. जब इसमें हल्की पानी फुहार डाली जाती है तो इसका सुंगध कई गुना बढ़ जाता है. इस बार 120-140 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

जगदीशपुर को कहा जाता है धान का कटोरा

भागलपुर के जगदीशपुर को धान का कटोरा कहा जाता है. अब सुल्तानगंज के आभा रतनपुर में भी बड़े पैमाने पर जैविक खेती हो रही है. जैविक तरीके से तैयार कतरनी और भी खुशबू देता है. आपको बता दें कि पूरे भागलपुर की बात करें तो करीब 1200 हेक्टेयर से अधिक में कतरनी धान की खेती होती है. इसका स्वाद देश से लेकर विदेश तक के लोग चखते हैं. अब इसको और बढ़ाने की तैयारी चल रही है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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