दिल्ली में दो लापता नाबालिग लड़कियां सुरक्षित मिली: क्राइम ब्रांच
Delhi News: छह महीने… लगभग 180 रातें… और हर सुबह एक ही सवाल- आज कोई खबर आई? दिल्ली के प्रेम नगर में दो घर ऐसे थे, जहां वक्त जैसे ठहर गया था. मां-बाप की आंखें दरवाजे पर टिकी रहती थीं, फोन की हर घंटी दिल की धड़कन बढ़ा देती थी. अगस्त 2025 में लापता हुईं दो नाबालिग लड़कियां, जिसमें एक 15 साल की और दूसरी 17 साल की. दोनों को जमीन निगल गई हो. लेकिन जनवरी 2026 की एक ठंडी सुबह को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने वह कर दिखाया, जो बीते कई महीनों से असंभव लग रहा था.
पहली कहानी 15 साल की उस लड़की की है, जो चुपचाप घर से निकल गई थी. 2 अगस्त 2025 को घर से निकली इस लड़की ने किसी को कुछ नहीं बताया. घर न कोई झगड़ा हुआ था और न ही कोई ऐसी बात, जो घर छोड़ने जैसे बड़े कदम के लिए किसी को मजबूर कर दे. किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि घर की लाड़ली आखिर कहां गुम हो गई है. परिजनों ने हर गली, हर रिश्तेदार, हर जानकार को खंगाला, लेकिन नतीजा सिफर ही निकला. आखिकर प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई और बच्ची की तलाश भी.
दिन हफ्तों में बदले, हफ्ते महीनों में… लेकिन लड़की की कोई खबर नहीं. वहीं, कुछ ऐसी की कहानी एक ऐसी ही कहानी प्रेम नगर के ही इंदर एन्क्लेव में पल रही थी. यहां भी एक घर में बिल्कुल वैसा ही अंधेरा पसरा हुआ था. 17 साल की बेटी लापता थी. परिवार ने इस तरह से उसे खोजने की कोशिश की. दोस्तों से पूछा, सोशल मीडिया खंगाला, अनजान नंबरों पर कॉल किए, लेकिन नतीजा फिर वही शून्य. इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई. ये दो अलग-अलग केस जरूत थे, लेकिन दोनों का दर्द एक-सा है. दोनों का अंजाम सिर्फ ना में ही नजर आ रहा था.
जब छह महीने बाद इस केस में क्राइम ब्रांच की हुई एंट्री
जब स्थानीय स्तर पर हर रास्ता बंद हो गया, तब केस क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा. दोनों लड़कियों की तलाश के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई. क्राइम ब्रांच के लिए भी यह केस आसान नहीं था. मोबाइल डेटा से ही उम्मीद की किरण नजर आ रही थी. टीम ने महीनों पुराने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) को खंगालना शुरू किया. डिलीट किए जा चुके डिजिटल फुटप्रिंट्स को फिर से रिट्रीव किया गया और हर छोटी-सी मूवमेंट को मैप किया. इस केस में महिला कांस्टेबल की सूझबूझ बन गई. क्राइम ब्रांच की टीम दोनों लड़कियों की तरफ अपने कदम बढ़ा चुकी थी.
पहली रेलवे स्टेशन तो दूसरी प्रेमनगर से आई खुशखबरी
टेक्निकल सर्विलांस के दौरान क्राइम ब्रांच को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पहला इशारा मिला आनन-फानन क्राइम ब्रांच की टीम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तरफ कूच कर गई. भीड़, शोर और भागती जिंदगियों के बीच 17 साल की लापता वह लड़की सुरक्षित और जिंदा मिल गई. इसी बीच, क्राइम ब्रांच को दूसरा इशारा प्रेम नगर की गलियों से मिला. दूसरे लड़की की लोकेशन प्रेम नगर स्थित डीएसएम स्कूल के पास के मिली. ग्राउंड सर्च शुरू हुआ और कुछ ही देर में 15 साल की बच्ची भी टीम के सामने थी. वह बेहद सहमी हुई सी, पर अब सुरक्षित थी.
फिर सबके सामने आया सबको चौंकाने वाला सच
दोनों लड़कियों से बातचीत में पुलिस को पता चला कि दोनों लड़कियों को दो अलग-अलग लड़कों ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया था. दोनों केस आपस में जुड़े नहीं थे, लेकिन दोनों को मॉरस ऑपरेंडी एक ही थी. दोनों से सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती की गई, फिर प्यार के जाल में फंसाया गया. इसके बाद, हसीन सपने दिखाकर दोनों को घर से भागने के लिए राजी कर लिया गया. गनीमत रही कि इन दोनों के साथ कोई दूसरी बड़ी अनहोनी होती, इससे पहले पुलिस उन तक पहुंच गई और दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.