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Palak Puri Recipe: अगर बच्चे पालक की सब्जी खाने में नखरे करते हैं, तो पालक पूरी एक बेहतरीन विकल्प है. यह स्वादिष्ट डिश बच्चों को खूब पसंद आती है और साथ ही आयरन, फाइबर व जरूरी विटामिन्स का भरपूर स्रोत है. पालक पूरी बनाना आसान है और इसे नाश्ते या लंच में परोसा जा सकता है. यह रेसिपी न सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी सेहतमंद और पौष्टिक मानी जाती है.

अगर आप नाश्ते या खास मौके के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी हो, तो पालक पूरी एक अच्छा व्यंजन है. यह पारंपरिक पूरी से थोड़ी अलग होने के साथ साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. पालक से तैयार यह पूरी आयरन, फाइबर और विटामिन से भरपूर रहती है. जिन घरों में बच्चे हरी सब्जी नहीं खाते हैं उनको हरी सब्जियों का पोषण देने के लिए पालक पूरी अच्छा नुस्खा है.

खास बात ये है पालक पूरी स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी बहुत अच्छी लगती है. आमतौर पर बच्चे पालक जैसी हरी सब्जियों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन जब वही पालक पूरी के रूप में सामने आती है, तो वे चाव से खाते हैं. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम यह पूरी दही, अचार या आलू की सूखी सब्जी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है और हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. आइए जानते हैं पालक पूरी बनाने की रेसिपी…

फूड ब्लॉगर छाया रघुवंशी ने कहा कि पालक पूरी बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती, बल्कि ये सारी चीजें आमतौर पर हर रसोई में मिल जाती हैं. इसे बनाने के लिए गेहूं का आटा, ताजा पालक, अदरक, हरी मिर्च, अजवाइन, जीरा और नमक की जरूरत होती है. पालक को पहले उबालकर उसका पेस्ट बनाया जाता है, जिससे पूरी का रंग गहरा हरा और स्वाद में अच्छा लगता है. सही अनुपात में सामग्री मिलाने से पूरियां अच्छी तरह फूलती हैं.
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पालक पूरी बनाने के लिए सबसे पहले पालक को अच्छी तरह धोकर उबाल ले, ताकि उसमें मौजूद गंदगी और कड़वाहट दूर हो जाए. उबले पालक को ठंडा कर अदरक और हरी मिर्च के साथ पीस लिया जाता है. यह पेस्ट न केवल पूरी को सुंदर रंग देता है, बल्कि उसमें हल्की तीखापन और खुशबू भी जोड़ता है, जिससे पूरी का स्वाद और बढ़ जाता है. इसके बाद आटा गूंथते समय पालक के पेस्ट का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है.

गेहूं के आटे में पालक का पेस्ट, नमक, अजवाइन, जीरा और थोड़ा तेल मिलाकर सख्त आटा गूंथा जाता है. आटे को कुछ देर ढककर रखने से वह सेट हो जाता है और पूरियां बेलते समय फटती नहीं हैं. सही तरीके से गूंथा गया आटा पूरियों को तलते समय अच्छी तरह फूलने में मदद करता है और टेक्सचर भी बेहतरीन बनाता है. पुरी बेलने और तलने का तरीका भी इसके स्वाद को तय करता है. लोइयों को न ज्यादा पतला और न ज्यादा मोटा बेलना चाहिए, ताकि तलते समय वे एकसमान फूलें.

इसके बाद गरम तेल में डालते ही पूरियां ऊपर आ जाती हैं और इन्हें हल्की सुनहरी हरी होने तक तलनी चाहिए. सही तापमान पर तली गई पूरियां ज्यादा तेल नहीं सोखतीं और बाहर से कुरकुरी व अंदर से नरम रहती हैं, जो खाने में बेहद लाजवाब लगती हैं. पालक पूरी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है. पालक में मौजूद आयरन खून की कमी दूर करने में मदद करता है और फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है.