Tilak Varma reaction after ruled out first three T20Is: न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन टी20 मैचों से बाहर होने के बाद तिलक वर्मा ने पहला रिएक्शन दिया है.
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Tilak Varma Comeback: टीम इंडिया के लेफ्ट हैंड मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन टी20 मैचों से बाहर हो गए हैं. तिलक वर्मा ने राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उनकी टेस्टिकुलर टॉर्शन की सर्जरी की गई. ऐसे में तिलक वर्मा को पूरी तरह से ठीक होने में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है.
तिलक वर्मा का सर्जरी के बाद पहला रिएक्शननई दिल्ली: राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान टेस्टिकुलर टॉर्शन में दिक्कत होने के बाद तिलक वर्मा को सर्जरी करानी पड़ी. इस सर्जरी के कारण तिलक वर्मा 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रहे पांच टी20 मैचों की सीरीज के पहले तीन मैच में नहीं खेल पाएंगे. सर्जरी के कारण तिलक वर्मा को रिकवर होने में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है. बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तिलक की सर्जरी को लेकर अपडेट भी दिया है. ऐसे में अब खुद तिलक वर्मा ने अपनी वापसी को लेकर रिएक्ट किया है.
सर्जरी के बाद तिलक वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फोटो के साथ एक स्टोरी शेयर की. इस स्टोरी के साथ तिलक ने लिखा, “इतना प्यार देने के लिए आप सबका शुक्रिया, मैंने अपनी रिकवरी शुरू कर दी है और जैसा की आपको पता है मैं जल्द ही मैदान पर वापसी करूंगा. आप तो जानते ही हैं.” हालांकि, सीरीज के बचे हुए दो मैच में तिलक की वापसी उनके ट्रेनिंग और फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा.
तिलक वर्मा
तिलक वर्मा को क्यों करानी पड़ी सर्जरी
विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान मैच से पहले नाश्ते के बाद तिलक वर्मा को पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होने लगा था. ऐसे में आनन-फानन में उन्हें राजकोट के एक अस्पताल में ले जाना पड़ा. इस दौरान बीसीसीआई की मेडिकल टीम भी उनके संपर्क में थी. जांच में पता चला की टेस्टिकुलर टॉर्शन में दिक्कत है. ऐसे में बीसीसीआई मेडिकल टीम ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी. बीसीसीआई मेडिकल टीम के निर्देश के बाद तिलक वर्मा ने बिना किसी देरी के सर्जरी कराने का फैसला किया.
क्या होता है टेस्टिकुलर टॉर्शन
टेस्टिकुलर टॉर्शन उस स्थिति को कहते हैं जब अंडकोष को शरीर से जोड़ने वाली नस मुड़ या घूम जाती है. इसे स्पर्मेटिक कोर्ड भी कहते हैं. इस स्थित में टेस्टिकल यानी अंडकोष तक रक्त का प्रवाह बाधित होने लगता है. इसके कारण अंडकोष या फिर पेट के निचले हिस्से में तेज दर्ज होता है, जिसके कारण सर्जरी करानी पड़ती है. यह समस्या अक्सर कड़ी ट्रेनिंग करने वाले एथलीटों के साथ देखने को मिलता है. समान्य इंसान को भी इस तरह की दिक्कत हो सकती है.
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अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें