मूली खाने के फायदे और पाचन के लिए सही तरीके जानें सर्दियों में.
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Muli Khane Ke Fayde : मूली सर्दियों में सेहत के लिए फायदेमंद है, पर गैस की समस्या हो सकती है. शिव कुमार पांडे के अनुसार, पकाकर या सलाद में मिलाकर मूली का सेवन पाचन के लिए बेहतर है.

सर्दियों के मौसम में जड़ वाली सब्जियों का खास महत्व होता है और मूली भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है. यह कम कैलोरी वाली सब्जी एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. मूली में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है और पाचन तंत्र को भी सक्रिय बनाती है.

पलामू में आयुर्वेद के जानकर शिव कुमार पांडे ने बताया कि मूली सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन कई लोगों को इसे खाने के बाद गैस, पेट फूलना और असहजता महसूस होती है. इसकी वजह इसमें मौजूद फाइबर और कुछ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जिन्हें पचाने में समय लगता है. यही कारण है कि कुछ लोग मूली को अपनी डाइट से बाहर कर देते हैं.

उन्होंने कहा कि मूली को स्टीम करने या हल्का भूनने से इसका फाइबर नरम हो जाता है और पाचन आसान होता है. पकाने से मूली का तीखा स्वाद भी कम होकर हल्का और मीठा हो जाता है. यह तरीका गैस की समस्या को कम करने में मददगार साबित होता है.
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उन्होंने कहा कि अगर आप कच्ची मूली खाना पसंद करते हैं, तो इसे खीरा और गाजर के साथ पतले स्लाइस में मिलाएं. ऊपर से नींबू का रस, जैतून का तेल और थोड़ा शहद डालें. तिल और ताजा अदरक मिलाने से स्वाद बढ़ता है और पाचन भी बेहतर रहता है.

ठंड के मौसम में मूली और अदरक से बना गर्म सूप पेट के लिए बेहद हल्का होता है. मूली को अदरक, लहसुन और वेजिटेबल ब्रोथ के साथ पकाकर ब्लेंड करें. यह सूप गैस की समस्या को कम करने के साथ शरीर को गर्माहट भी देता है.

उन्होंने कहा कि कद्दूकस की हुई मूली से बना भरवां पराठा स्वाद के साथ सेहत भी देता है. वहीं, मूली को क्यूब्स में काटकर जैतून के तेल और लहसुन के साथ भूनने से इसका स्वाद और पाचन दोनों बेहतर हो जाते हैं.

जो लोग कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, वे स्मूदी में मूली का छोटा टुकड़ा डाल सकते हैं. इसे हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों और नट मिल्क के साथ ब्लेंड करें. यह ड्रिंक पोषक तत्वों से भरपूर और ताजगी देने वाली होती है.

मूली का सेवन हमेशा थोड़ी मात्रा से शुरू करें और शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें. जब शरीर इसकी आदत बना ले, तब धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं. सही तरीके और संतुलित मात्रा में सेवन करने से आप बिना किसी परेशानी के मूली के सभी फायदे उठा सकते हैं.