एफडी से 3 गुना रिटर्न और जोखिम न के बराबर, वह भी लगातार तीन साल से, सोना-चांदी महंगा है तो यहां लगाओ पैसा
Last Updated:
Investment Tips : शेयर बाजार में बढ़ते जोखिम और सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों के बीच अगर बेहतर रिटर्न और कम जोखिम वाले विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड पर दांव लगाना बेहतर होगा.
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने तीन साल में 22 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है. नई दिल्ली. एक निवेशक के तौर पर सभी की यही ख्वाहिश होती है कि उसे ऐसा विकल्प मिल जाए जो पैसों को दिन दूना और रात चौगुना बढ़ा दे. अगर आप ऐसे ही किसी निवेश विकल्प की तलाश में हैं तो मल्टी एसेट एलोकेशन फंड आापकी यह ख्वाहिश पूरी कर सकता है. म्यूचुअल फंड की इस कैटेगरी ने पिछले तीन साल से एफडी के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा रिटर्न दिया है और कई तरह के एसेट शामिल होने से इस पर जोखिम भी न के बराबर रहता है. सोने-चांदी की धुआंधार बढ़ती कीमतों के बीच अगर आप किसी स्थिर रिटर्न देने वाले विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो इस पर दांव लगाया जा सकता है.
वैसे सोने और चांदी की बात करें तो पिछले कुछ समय में इन दोनों चीजों से ज्यादा रिटर्न किसी और विकल्प ने दिया ही नहीं है. सोने और चांदी की कीमतें हर हफ्ते रिकॉर्ड बना रही हैं. ऐसे में निवेशक अब मल्टी एसेट एलोकेशन पर जोर दे रहे हैं. सोना ने साल 2025 में 60 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है. चांदी की कीमतें दोगुना बढ़ी हैं. हालांकि, इस दौरान इक्विटी में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड निवेशक इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने से चूक गए. ऐसे निवेशकों के लिए मल्टी एसेट एलोकेशन फंड आगे बेहतर विकल्प बन सकता है. एफडी पर ज्यादातर बैंक 7 फीसदी का ही रिटर्न देते हैं.
क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट
बाजार विशेषज्ञ और म्यूचुअल फंड सलाहकार मानते हैं कि सोने और चांदी में निवेश करना महत्वपूर्ण है और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में दोनों धातुओं को शामिल करना चाहिए. हालांकि, दोनों धातुएं खासकर चांदी के मूल्यों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसमें पिछले कुछ हफ्तों में अत्यधिक अस्थिरता आई है और एक ही दिन में 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. इसे देखते हुए कमोडिटी निवेश के संबंध में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना महत्वपूर्ण है. यहीं पर मल्टी एसेट एलोकेशन फंड काम आते हैं. ये फंड सोने, चांदी, इक्विटी और डेट सहित विभिन्न एसेट क्लास में निवेश करते हैं और पिछले कुछ वर्षों में अल्फा रिटर्न पैदा कर रहे हैं.
कितना दिया है फंड ने रिटर्न
निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड पिछले तीन वर्षों में 22.71% और साल 2025 में 22.30% का रिटर्न देकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला फंड रहा है. यूटीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने तीन साल में 12.75% और पिछले साल 22.35% का रिटर्न दिया है, जबकि एचडीएफसी मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने पिछले तीन साल में 15.20% और 2025 में 16.54% का रिटर्न दिया है. यही वजह है कि निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश का अवसर देने के अलावा मल्टी एसेट एलोकेशन फंड कई अन्य लाभ भी प्रदान करते हैं, जिनमें विविधीकरण प्रमुख है. ये फंड निवेश को विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियों में फैलाते हैं, जिससे किसी एक परिसंपत्ति वर्ग के खराब प्रदर्शन से बचाव होता है और इस प्रकार कुल पोर्टफोलियो जोखिम कम हो जाता है.
इक्विटी के जोखिम से होता है बचाव
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड इक्विटी जैसे उच्च जोखिम वाले एसेट्स को डेट जैसे सुरक्षित एसेट्स के साथ संतुलित करते हैं, जिससे अस्थिरता कम होती है और मंदी के दौरान पूंजी सुरक्षित रहती है. निवेशकों को एक ही फंड के माध्यम से कई एसेट क्लास में निवेश करने की सुविधा भी मिलती है, जिससे अलग-अलग निवेशों को मैनेज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और टैक्स बचाने की क्षमता भी बढ़ती है. निवेशकों को किसी विशेष एसेट क्लास में वृद्धि हासिल करने के लिए फंड बदलने की आवश्यकता नहीं होती है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें