delhi police recovered 15 and 17 years two girls technical surveillance new delhi railway station | दो लड़की, दो लड़के… घर से फरार, फिर हुआ कुछ ऐसा कि दोनों के मां-बाप पहुंच गए थाने, उड़ गई नींद
राजधानी दिल्ली में अपराधों पर नकेल कसने के साथ-साथ दिल्ली पुलिस बिछड़े हुए लड़के-लड़कियों और मासूमों को उनके परिवारों से मिलाने का भी काम कर रही है. दिल्ली पुलिस का एक मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को बरामद किया है, जो पिछले लगभग 6 महीनों से लापता थीं. 15 और 17 वर्ष की इन दो किशोरियों को दो लड़कों ने बहल-फुसला कर घर से भगा लिया था. दोनों घटनाएं अगस्त 2025 में हुआ था. लेकिन छह महीने के बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों लड़कियों को खोज कर निकाल लिया. इस कार्रवाई ने उन परिवारों के आंसुओं को खुशी में बदल दिया है, जिन्होंने अपनी बेटियों के लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी.
6 महीने का लंबा इंतजार और दो अलग-अलग कहानियां
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये दोनों मामले प्रेम नगर इलाके के हैं, लेकिन इनका आपस में कोई सीधा संबंध नहीं था.
पहला मामला: 2 अगस्त 2025 को प्रेम नगर-3 इलाके की रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक अपने घर से लापता हो गई थी. वह बिना किसी को कुछ बताए घर से निकली और वापस नहीं लौटी. परिजनों ने अपनी ओर से काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने प्रेम नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले में अपहरण की धारा 137(2) बीएनएस के तहत एफआईआर नंबर 443/2025 दर्ज की थी.
दूसरा मामला: ठीक 20 दिन बाद, यानी 22 अगस्त 2025 को प्रेम नगर के ही इंदर एन्क्लेव फेज-1 से एक 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने की खबर आई. इस मामले में भी परिवार की लंबी तलाश नाकाम रही, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 463/2025 दर्ज कर जांच शुरू की. स्थानीय पुलिस महीनों तक इन लड़कियों का सुराग नहीं लगा पाई थी, जिसके बाद मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया.
क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनाया यह तकनीक
6 महीने बीत जाने के बाद भी लड़कियों का कोई सुराग न मिलना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी. डीसीपी पंकज कुमार (DCP Crime Branch) के निर्देशानुसार, एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर संदीप तुषिर कर रहे थे और इसकी देखरेख एसीपी गिरीश कौशिक कर रहे थे. टीम में हेड कांस्टेबल सिद्धार्थ और महिला कांस्टेबल रजनी शर्मा को शामिल किया गया था.
लड़कियों के बारे में मिली ये जानकारी
टीम ने एक बहुआयामी रणनीति अपनाई. सबसे पहले लड़कियों के परिजनों और उनके दोस्तों से दोबारा पूछताछ की गई. चूंकि मामला काफी पुराना हो चुका था, इसलिए तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) ही सबसे बड़ा सहारा थी. महिला कांस्टेबल रजनी शर्मा ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने पिछले कई महीनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDRs) का गहन विश्लेषण किया. सैकड़ों मोबाइल नंबरों की जांच की गई और उनके टावर लोकेशन को ट्रैक किया गया.
ऐसे चला ऑपरेशन रेस्क्यू
तकनीकी जांच और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर, 7 जनवरी 2026 को पुलिस को पहली सफलता मिली. महिला कांस्टेबल रजनी द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण से 17 वर्षीय लड़की की लोकेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास मिली. पुलिस टीम ने बिना देरी किए वहां छापेमारी की और लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया.
दोनों लड़की प्रेमी के साथ भागी थी
उसी तकनीकी इनपुट के आधार पर, दूसरी 15 वर्षीय लड़की की लोकेशन प्रेम नगर के ही डीएसएम स्कूल के पास पाई गई. टीम ने इलाके में घेराबंदी की और वहां से भी बच्ची को रेस्क्यू कर लिया गया. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों ही लड़कियों को दो अलग-अलग लड़कों ने शादी या अन्य प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर भगा लिया था. लड़कों ने उन्हें अपने साथ रहने के लिए मजबूर किया था.
काउंसलिंग और परिवारों का मिलन
बरामदगी के बाद दोनों लड़कियों को प्रेम नगर थाने की स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है. पुलिस ने बताया कि नियमानुसार दोनों लड़कियों की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि उनकी मानसिक स्थिति को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि उनके साथ किसी तरह का शारीरिक शोषण तो नहीं हुआ है. इसके बाद उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है.
अपनी बेटियों को 6 महीने बाद सुरक्षित देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे. उन्होंने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. पुलिस अब उन लड़कों की भूमिका की जांच कर रही है जो इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले गए थे, ताकि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके. यह ऑपरेशन साबित करता है कि अगर पुलिस तकनीकी कौशल और मानवीय संवेदना के साथ काम करे, तो महीनों पुराने अनसुलझे मामलों को भी सुलझाया जा सकता है.