Delhi High Court Order on Jama Masjid | Delhi Jama Masjid MCD Survey | Encroachment Around Jama Masjid – क्या जामा मस्जिद के पास इमाम बुखारी की रिहाइश भी अवैध, पढ़ें न्यूज 18 इंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट –

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण को लेकर बड़ा आदेश देते हुए संबंधित विभागों को सर्वे कराने का निर्देश दिया है. अदालत के आदेश के बाद अब इस ऐतिहासिक इलाके में अतिक्रमण, अवैध वसूली और अस्थायी दुकानों को लेकर बहस तेज हो गई है. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद न्यूज18 इंडिया की टीम जामा मस्जिद और मीना बाजार पहुंची, जहां ग्राउंड पर स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है….

मीना बाजार: बिना किराया, सिर्फ चालान?
मीना बाजार, जो जामा मस्जिद के सामने स्थित और दिल्ली के सबसे मशहूर बाजारों में गिना जाता है. वहां सैकड़ों रेहड़ियां और अस्थायी दुकानें लगी नजर आईं. दुकानदारों ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि वे सालों से यहां काम कर रहे हैं और किसी को कोई किराया नहीं देते. दुकानदारों का दावा है कि कभी-कभी एमसीडी की टीम आती है और चालान काटकर चली जाती है, लेकिन स्थायी समाधान कभी नहीं हुआ. वहीं, याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन रेहड़ियों से अवैध वसूली भी होती है, जिस पर अब सर्वे में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

मौलाना आजाद की मजार के पास भी रेहड़ियां
जामा मस्जिद के ठीक सामने देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की मजार स्थित है. मजार की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ भी रेहड़ियां लगी हुई हैं. यहां के दुकानदारों ने भी यही कहा कि वे किसी को किराया नहीं देते और सालों से यहां कारोबार कर रहे हैं.

गेट नंबर 6 और 7 पर उठे सवाल
याचिका में जामा मस्जिद के गेट नंबर 3, 5, 6 और 7 का विशेष रूप से जिक्र किया गया है. गेट नंबर 7 को लेकर आरोप है कि यहां इमाम बुखारी की रिहाइश अवैध है. गेट नंबर 6 में पार्किंग संचालित होने का आरोप है. न्यूज18 इंडिया की टीम को गेट नंबर 6 पर कई गाड़ियां खड़ी दिखाई दीं. ड्राइवरों ने बताया कि वे कार के 100 रुपये और बड़ी गाड़ी के 200 रुपये पार्किंग चार्ज देते हैं, लेकिन यह शुल्क किस संस्था के नाम पर लिया जा रहा है इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला.

इमाम बुखारी के दफ्तर से बातचीत से इनकार
न्यूज़18 इंडिया ने इस मामले में इमाम अहमद बुखारी के दफ्तर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया गया.

सरकार और निगम का पक्ष
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कुछ एनजीओ द्वारा अस्थायी दुकानों और पार्किंग के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाई कोर्ट ने संबंधित विभागों को दो महीने में कार्रवाई का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यह कदम स्थानीय जनता के हित में है और इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

वहीं, दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने साफ किया कि जामा मस्जिद के आसपास के सभी इलाकों में जल्द ही सर्वे शुरू होगा. निगम के जेई और इंस्पेक्टर नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करेंगे और जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी. तुर्कमान गेट डिमोलिशन साइट से मलबा भी दो-तीन दिनों में हटाने की कोशिश की जा रही है.

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