Shukrawar Lakshmi Puja Vidhi muhurat mantra | how to please goddess lakshmi on Friday | shukrawar ko mata lakshmi ki puja kaise karen | शुक्रवार को कैसे करें माता लक्ष्मी को प्रसन्न? जानें पूजा विधि, भोग और मुहूर्त, दूर होगा धन का संकट
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Shukrawar Lakshmi Puja Vidhi: शुक्रवार का दिन धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की पूजा और व्रत का है. शुक्रवार को विष्णुप्रिया लक्ष्मी जी की पूजा करने से घर में धन-समृद्धि और सुख-शांति आती है. इस दिन लोग व्रत रखकर माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. शुक्रवार व्रत 9 जनवरी को है. इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पूरी रात तक रहेगी. उसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी. सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे. आइए जानते हैं शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा विधि, भोग और मुहूर्त के बारे में.

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें. घर के पूजा स्थल में माता लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो की विधिवत पूजन करें. माता के सामने दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती दिखाएं. माता लक्ष्मी को लाल गुलाब और कमल के फूल, उससे बनी हुई माला अर्पित कर सकते हैं.

माता लक्ष्मी को इत्र, अबीर-बुक्का, कमल का फूल, लाल या पीले फूल, फल, सफेद मिठाई और दूध का प्रसाद चढ़ाएं. इसके बाद ‘ओम श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें. कमलगट्टे की माला से लक्ष्मी मंत्र का जाप कर सकते हैं.

फिर लक्ष्मी चालीसा, कनक धारा स्तोत्र या सूक्त पाठ करें. प्रसाद के रूप में खीर या हलवा बनाएं. आप चाहें तो मखाने की खीर, दूध से बनी कोई सफेद मिठाई या फिर बताशे का भी भोग लगा सकते हैं. शाम को दीपक जलाकर आरती करें. पूजा के बाद प्रसाद बांटें और दान करें.
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जो लोग नियमित रूप से शुक्रवार व्रत रखते हैं, उनसे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक संकट दूर होते हैं. लक्ष्मी कृपा से दरिद्रता मिटती है. माता लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा करने से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है. इनके साथ आप कुबेर की भी पूजा कर सकते हैं.

शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा. उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, उसके बाद हस्त नक्षत्र लगेगा. शोभन योग दोपहर 4 बजकर 56 मिनट तक और फिर अतिगंड योग रहेगा.

शुक्रवार का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय है. शुक्रवार की लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में करें. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है.

शुभ कार्य करने वालों को आज राहुकाल का ध्यान रखना होगा. आज राहुकाल 11:10 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक है. राहुकाल में कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि राहुकाल में किए कामों में बाधाएं आ सकती हैं. इसे अशुभ माना गया है. राहुकाल में कालसर्प दसेष की पूजा कर सकते हैं. (एजेंसी इनपुट के साथ)