दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई, पांच गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस ने इंस्पेक्टर सुंदर सिंह की टीम के साथ आउटर डिस्ट्रिक्ट में राशेदुल्लाह चौधरी समेत पांच अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हुई.

Delhi News: दिल्ली की सर्द रातों में जब ज्यादातर लोग अपनी रजाइयों में दुबके हुए थे, तब दिल्ली पुलिस की कुछ टीमें एक खास मिशन को अंजाम देने में जुटी हुई थीं. यह मिशन राजधानी में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी हुई थी. यह मिशन बीते साल 2025 में शुरू हुए क्रैकडाउन की अगली कड़ी था. इसी क्रम में आउटर डिस्ट्रिक्ट की फॉरेनर सेल ने इंटेल के आधार पर पूरे इलाके में गहन वेरिफिकेशन ड्राइव चलाया. करीब 100 लोगों की पहचान और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई.
इस अभियान के लिए एक खास टीम बनाई गई थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुंदर सिंह के नेतृत्व में एसआई अनिल कुमार, एएसआई गुरदयाल, हेड कॉन्स्टेबल उमेद, आशीष, रविंदर, अरुण, महिला हेड कॉन्स्टेबल सरिता और कॉन्स्टेबल सुमेर को शामिल किया गया था. इसी बीच पुलिस को इंटेल मिला कि कुछ विदेशी नागरिक, जिनके भारतीय वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है, अभी भी इलाके में रह रहे हैं. इतना ही नहीं, ये लोग बिना वैध भारतीय दस्तावेजों के अन्य देशों के वीजा हासिल करने की कोशिश में भी लगे हुए हैं.
पुलिस की गतिविधियों की भनक लगते ही ये संदिग्ध लोग इलाका छोड़ने की तैयारी में जुअ गए. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए फॉरेनर सेल ने सीमावर्ती इलाकों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा दी. तभी मंगोलपुरी रेलवे लाइन के पास पुलिस की नजर पांच लोगों पर पड़ी, जो सामान के साथ इधर-उधर देखते हुए आगे बढ़ रहे थे. पुलिस को देखते ही उन्होंने अलग-अलग दिशाओं में भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क टीम ने तुरंत उन्हें घेर लिया.
पूछताछ और जांच के दौरान उनकी पहचान राशेदुल्लाह चौधरी, मोहम्मद जाकिर हुसैन, मोहिब्बुल इस्लाम, मोहम्मद मोइनुद्दीन और हृतिक राज बनिक के रूप में हुई. पूछताछ के दौरान कोई भी वैध पहचान पत्र या यात्रा दस्तावेज पेश नहीं कर सका. जांच में सामने आया कि इनके पासपोर्ट और वीजा दोनों की मियाद खत्म हो चुकी थी. वे लंबे समय से अवैध तरीके से भारत में रह रहे थे. सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पांचों को हिरासत में ले लिया गया. फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की मदद से इनके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
पुलिस के अनुसार, ये सभी अपने भारतीय वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी यहां रुके हुए थे और दूसरे देशों में जाने की कोशिश कर रहे थे. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सचिन शर्मा ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आउटर डिस्ट्रिक्ट में अवैध रूप से रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें