अमिताभ बच्चन की हीरोइन, रेखा-हेमा मालिनी से होती थी तुलना, 7 महीने की प्रेग्नेंट, 31 की उम्र में हादसे में मौत
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फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे स्टार्स हैं, जिन्होंने वक्त से पहले ही दुनिया को छोड़ दिया. इनके जाने से इंडस्ट्री ने वर्षों तक शोक मनाया है. आज हम एक ऐसी एक्ट्रेस के निधन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने पीछे गहरी खामोशी छोड़ जाते हैं. एक्ट्रेस के साथ ऐसी दुर्घटना घटी की हर मनोरंजन इंडस्ट्री के लोग स्तब्ध हो गए थे.

अमिताभ बच्चन समेत कई बड़े स्टार्स संग काम कर चुकीं एक्ट्रेस ने 31 की उम्र में दुनिया छोड़ दी थी. उस वक्त वह 7 महीने की प्रेग्नेंट थीं. यह स्टार एक्ट्रेस सक्सेसफुल थी और अपनी जिंदगी के एक अहम मोड़ पर थी. उसकी मौत सिर्फ एक स्टार का नहीं, बल्कि एक अधूरे भविष्य का नुकसान थी. आज भी उनकी कहानी में एक चुप्पी सी टीस है.

इस दिवंगत एक्ट्रेस की भावपूर्ण आंखें, शांत स्क्रीन प्रेजेंस और सहज एक्टिंग के लिए उन्हें खूब सराहा गया. करियर के ऊंचाई पर इस एक्ट्रेस की रेखा और हेमा मालिनी जैसी दिग्गज एक्ट्रेसेज से तुलना की जाती थी. निर्देशक उन्हें मजबूत और अर्थपूर्ण भूमिकाएं सौंपते थे. दर्शकों के लिए वह खूबसूरती और भावनात्मक मजबूती की मिसाल थीं.

इस एक्ट्रेस का नाम सौंदर्या है. सौंदर्या दक्षिण भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. हिंदी ऑडियंस के लिए सौंदर्या हमेशा ‘सूर्यवंशम’ की राधा के रूप में याद रहेंगी. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल निभाया था और शुरुआत में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी. लेकिन टीवी पर बार-बार प्रसारण के चलते यह फिल्म कल्ट फेवरेट बन गई. सौंदर्या का सौम्य और गरिमापूर्ण अभिनय सबको याद रह गया. इसी एक रोल ने उन्हें पूरे भारत के घरों में पहचान दिलाई.
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कई सितारों के उलट, सौंदर्या ने कभी पब्लिसिटी स्टंट नहीं किया. न किसी कंट्रोवर्सी को जन्म दिया. उनकी पॉपुलैरिटी उनके काम के जरिए धीरे-धीरे बढ़ी. उन्होंने कमर्शियल फिल्मों के साथ-साथ भावनात्मक किरदार भी निभाए. दर्शकों को उनकी सच्चाई और ईमानदारी से जुड़ाव महसूस हुआ. यही चुपचाप बढ़ती शोहरत उन्हें और भी सम्मानित बनाती थी.

सौंदर्या ने कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम किया. उन्होंने अपने समय के बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की. भाषा की दीवारों के बावजूद, उनका एक्टिंग सबको अपना सा लगता था. फिल्ममेकर्स उनकी अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म की तारीफ करते थे. उन्हें ऐसी एक्ट्रेस माना जाता था, जो हर सीन को खास बना देती थीं.

फिल्मों से पब्लिक लाइफ की ओर अचानक बदलाव: 2003 में सौंदर्या ने अपने बचपन के दोस्त से शादी की. शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और एक नई राह चुनी. उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2004 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की. यह फैसला चौंकाने वाला जरूर था, लेकिन उनके इरादे मजबूत थे.

एक सफर जो मंजिल तक नहीं पहुंचा: 17 अप्रैल 2004 को सौंदर्या तेलंगाना के करीमनगर में एक राजनीतिक रैली के लिए जा रही थीं. वह अपने भाई और अन्य लोगों के साथ प्राइवेट विमान से सफर कर रही थीं. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान क्रैश हो गया. कोई भी जिंदा नहीं बचा. यह खबर तेजी से फैली और पूरे देश को सदमे में डाल गई.

इस हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया कि सौंदर्या सात महीने की प्रेग्नेंट थीं. उनकी उम्र सिर्फ 31 साल थी. उनके परिवार को उन्हें आखिरी बार देखने का मौका भी नहीं मिला. उस दिन उनके साथ दो जिंदगियां चली गईं. हादसे की डिटेल्स आज भी डरावनी लगती हैं.फिल्म इंडस्ट्री के फैंस ने उनकी मौत का गहरा शोक मनाया. उनके साथियों ने उन्हें दयालु, फोकस्ड और जमीन से जुड़ी इंसान के रूप में याद किया.

सौंदर्या की अचानक गैरमौजूदगी से जो खालीपन आया, वह कभी नहीं भर सका. जब भी टीवी पर ‘सूर्यवंशम’ आती है, उनकी यादें ताजा हो जाती हैं. उनका चेहरा आज भी जाना-पहचाना सा लगता है. सौंदर्या की जिंदगी भले ही छोटी रही, लेकिन उनका असर हमेशा के लिए रह गया. वह उन गिने-चुने कलाकारों में हैं, जिनका काम आज भी चुपचाप लेकिन गहराई से बोलता है. उनकी कहानी सिर्फ शोहरत की नहीं, बल्कि अधूरे वादे की भी है. भारतीय सिनेमा के लंबे इतिहास में उनका नाम आज भी मायने रखता है.