‘मरते दम तक फंदे पर लटकाओ’, रेपिस्ट को जज ने सुनाई फांसी की सजा, फिर तोड़ दी निब, 56 दिनों में आया 46 पन्नों का फैसला

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Banda Latest News: यूपी के बांदा से एक खबर सामने आई है. जहां कोर्ट ने एक 24 साल के शख्स को फांसी की सजा सुनाई है. यह कोई हत्यारा या चोर नहीं है यह एक दरिंदा है जिसने 6 साल की मासूम के साथ रेप किया था. जिसे पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ा था. कोर्ट ने कहा कि इस हैवान को मरते दम तक फंदे पर लटकाओ.

'मरते दम तक फंदे पर लटकाओ', रेपिस्ट को जज ने सुनाई फांसी की सजादुष्कर्म करने वाले आरोपी की तस्वीर.

बांदा: यूपी के बांदा जिला सत्र विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने एक जघन्य अपराध के मामले में 24 वर्षीय अमित रैकवार को मौत की सजा सुनाई है. उस पर छह साल की बच्ची दुष्कर्म और हैवानियत का आरोप सिद्ध हुआ. न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 46 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी को मरते दम तक फंदे से लटका कर रखा जाए. इसके बाद उन्होंने कलम की निब तोड़ दी. न्यायधीश ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है. यह सनसनीखेज घटना 25 जुलाई 2025 को कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. दोषी अमित रैकवार स्कूल से लौट रही छह साल की बच्ची को फुसलाकर अपने घर ले गया था. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को गुटखा मंगाने के बहाने रोका और फिर घर ले जाकर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं.

दुष्कर्म के दौरान बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए और मेडिकल जांच में पता चला कि पीड़िता के शरीर में कई जगहों पर गंभीर चोटें थीं. पुलिस ने वारदात के बाद ही देर रात अमित रैकवार को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. तीन दिन बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा था. सात अक्टूबर 2025 को कालिंजर पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह और भारतीय नवीन दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए.

56 दिन में आया फैसला
12 नवंबर को आरोप तय होने के बाद मुकदमा शुरू हुआ. बचाव पक्ष ने सबूतों की कमी का हवाला दिया लेकिन, अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया. कुल 56 दिनों तक चली सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए. इनमें पीड़िता का इलाज करने वाले तीन डॉक्टरों का पैनल, फॉरेंसिक, डीएनए, मेडिकल रिपोर्ट और बीएनएसएस की धारा 180 व 183 के तहत दर्ज बयान शामिल थे.

मौत की सजा को ही न्यायोचित बताया
इन सभी सबूतों ने आरोपी को पुख्ता तौर पर दोषी साबित किया. सरकारी अधिवक्ता कमल सिंह ने कहा कि आरोपी ने मासूम को पहले बहलाया, फिर घर में ले जाकर दुष्कर्म किया. अधिवक्ता ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में बताते हुए मौत की सजा को ही न्यायोचित बताया. वहीं पुलिस अधीक्षक पलास बंसल ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है.

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Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें

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