रांची के मोये मटन शॉप का देसी मसाले वाला मटन, 40 केजी रोज बिकता है.
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Ranchi Moye Mutton Shop : रांची के पांड्रा स्थित मोये मटन शॉप में देसी मसाले और खास तरीके से बना मटन 2-3 घंटे में 40 केजी तक बिक जाता है. यहां झारखंडी स्टाइल में मटन परोसा जाता है. आइये जानते हैं इस मटन की रेसिपी के बारे में.

झारखंड की राजधानी रांची के पांड्रा स्थित मोये मटन शॉप का मटन काफी फेमस हो रहा है. यहां पर आलम यह है कि आपको लाइन लगाना पड़ेगा. खाने के लिए आपको इंतजार करना पड़ेगा और थोड़ी अगर लेट हो गए, तो फिर आपको नहीं मिल पाएगा. यहां मात्र 2-3 घंटे में 40 केजी तक का खपत हो जाती है. ऐसा टेस्ट इस मटन का होता है. खासतौर पर 2-3 महिलाएं मिलकर इसे बनाती हैं. यहां के संचालक अभिनव बताते हैं कि हम लोग सीधा जो देसी गांव का मसला है, वह लेकर आते हैं. हम लोग बाजार से कुछ नहीं खरीदते हैं.

क्योंकि, बाजार की खरीदते हुए मसाले में कई बार काफी अधिक मिलावट होता है. ऐसे में आपको वैसा टेस्ट देखने को नहीं मिलेगा. इसीलिए हम लोग घर में जैसे दादी लोग पिसती हैं. हम लोग वह मसाला लाते हैं. इसलिए इसका स्वाद आपको और कहीं देखने को नहीं मिलेगा. एकदम ऑथेंटिक व मसाला की शुद्धता के साथ कोई मजाक नहीं किया जाता है.

इसके अलावा एकदम धीरे आंच में कम से कम मटन दो से ढाई घंटा में बनाकर रेडी होता है. इसलिए आपको हर एक चीज का फ्लेवर जैसे प्याज है, तो प्याज को पहले फ्राई किया जाता है. फिर मसाले को फ्राई किया जाता है. अदरक व लहसुन को अलग से फ्राई किया जाता है. कहने का मतलब है हर चीज का अलग-अलग फ्लेवर आपको देखने को मिलेगा.
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उन्होंने बताया कि वह सुबह 4:00 बजे निकल जाते हैं. जहां एकदम फ्रेश और छोटे कान का देसी मटन लेकर आते हैं. यह काम उनका होता है. वह एकदम बढ़िया चुनकर मटन लाते हैं. क्योंकि, अगर मटन की क्वालिटी खराब रहेगी तो फिर आप चाहे जितना भी अच्छा बना लो. इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. ऐसे में मटन की क्वालिटी, मसाला की शुद्धता और बनाने का तरीका, यह तीनों जब आपस में मिलते हैं, तब जबरदस्त मटन बनकर तैयार होता है.

यही कारण है कि यहां पर इतनी भीड़ लगती है. 40 केजी तो ऐसे खत्म होता है और कई बार हम लोग परेशान हो जाते हैं कि अब और हमें कितना बनाना पड़ेगा. कई बार कस्टमर यूं ही लौट जाते हैं, लेकिन हम क्या करें. हमारा भी एक लिमिट हो जाता है. ऐसे में आने वाले समय में हमारी कोशिश है कि इस लिमिट को और बढ़ाया जाए.

कई बार तो लास्ट में कुछ लोग आते हैं. बोलते हैं भाई अगर कुछ ग्रेवी बचा है, तो हमें वही दे दो. हम उसी से काम चला लेंगे. ग्रेवी और चावल खा लेंगे. हम लोग यहां पर सखुआ के दोने और पत्तल में मटन को परोसते हैं. एकदम झारखंडी स्टाइल में चावल अनलिमिटेड लीजिए. साथ में पापड़, धनिया पत्ता की चटनी अचार और सलाद भी दिया जाता है.

अगर आप यहां आना चाहते हैं तो बता दें कि आपको रांची के मोये झारखंड शॉप में आना पड़ेगा. इसका टाइमिंग सुबह के 11 बजे से लेकर शाम के 4:00 तक है. इस बीच में दो बार यह लोग मटन तैयार कर लेते हैं. अगर इस बीच में आप नहीं आ पाए तो फिर आपको नहीं मिलने वाला है.