आरबीआई ने तय कर दी डिविडेंड बांटने की लिमिट, बैंकों को दे दिया स्‍पष्‍ट निर्देश, निवेशकों पर सीधा असर

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RBI New Rule : रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के लिए लाभांश बांटने के नए नियम का प्रस्‍ताव दिया है. इसके तहत अब बैंकों को अपने कुल लाभ का सिर्फ 75 फीसदी तक लाभांश बांटने की अनुमति दी जाएगी.

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आरबीआई ने तय कर दी डिविडेंड बांटने की लिमिट, निवेशकों पर होगा सीधा असरबैंक अब अपने मुनाफे का 75 फीसदी ही लाभांश बांट सकेंगे.

नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों द्वारा शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश की सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा. इसके तहत कोई भी बैंक अपने शुद्ध लाभ के 75 फीसदी से अधिक लाभांश नहीं दे पाएगा. रिजर्व बैंक ‘लाभांश’ को इक्विटी शेयरों पर देय राशि के रूप में परिभाषित करता है और इसमें अंतरिम लाभांश शामिल है, लेकिन स्थायी गैर-संचयी तरजीही शेयरों पर दिया जाने वाला लाभांश शामिल नहीं है.

आरबीआई की ओर से प्रस्तावित नियम सभी भारतीय बैंकों पर लागू होगा, जबकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों के लिए यह सीमा 80 फीसदी होगी. आरबीआई ने इस मसौदे में कहा कि लाभांश देने से पहले बैंक के निदेशक मंडल को दीर्घावधि वृद्धि योजना और पूंजी की स्थिति को ध्यान में रखना होगा. इसके अलावा बैंक जिस अवधि के लिए लाभांश देने का प्रस्ताव रख रहा है, उस दौरान बैंक के शुद्ध लाभ का सकारात्मक होना जरूरी है. भारत में शाखाएं खोलने वाले विदेशी बैंकों के लिए भी यही नियम लागू होगा. ये बैंक केवल सकारात्मक शुद्ध लाभ वाली अवधि के लिए भी अपने मुख्यालय को लाभ भेज सकते हैं.

5 फरवरी तक जनता से मांगे प्रस्‍ताव
आरबीआई ने कहा है कि अगर कोई बैंक कानून, नियम या दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो लाभांश वितरण या लाभ भेजने पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा. इसका मतलब है कि अगर बैंकों ने आरबीआई के इस निर्देश का पालन नहीं किया तो उन पर लाभांश बांटने पर रोक लगा दी जाएगी. रिजर्व बैंक ने इस मसौदा प्रस्ताव पर जनता और बैंकों से 5 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं. इसके बाद इस प्रस्‍ताव को कानून का रूप दे दिया जाएगा और सभी बैंकों को इसका पालन करना जरूरी होगा.

कब बांटा जाता है लाभांश
चाहे बैंक हों या कंपनी हर वित्‍तवर्ष में अपने शुद्ध लाभ के कुछ हिस्‍से को अपने निवेशकों के बीच बांटती है. बैंकों की वित्‍तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए ही आरबीआई ने लाभांश बांटने को लेकर नया नियम बनाने की तैयारी कर ली है. अभी तक बैंक अपने लाभ का पूरा हिस्‍सा चाहें तो निवेशकों के बीच डिविडेंड के रूप में बांट सकते हैं. लेकिन, रिजर्व बैंक ने अब इस पर 75 फीसदी का कैप लगा दिया है. इसका मतलब है कि अब बैंक अपने कुल मुनाफे का सिर्फ 75 फीसदी ही लाभांश बांट सकते हैं.

निवेशकों पर क्‍या असर
आरबीआई के इस प्रस्‍ताव का असर बैंकिंग स्‍टॉक में पैसे लगाने वाले निवेशकों पर पड़ेगा. बैंक अभी तक अपना पूरा मुनाफा डिविडेंड के रूप में निवेशकों को बांट सकते थे. इसका मतलब है कि अभी तक निवेशकों को भी खूब लाभ मिलता था. लेकिन, नया प्रस्‍ताव कानून का रूप ले लेगा तो निवेशकों को मिलने वाले लाभांश में भी कमी आ सकती है. चूंकि, बैंक अपने मुनाफे का सिर्फ 75 फीसदी तक ही लाभांश बांट सकेंगे तो निवेशकों की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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