अलका याग्निक जब गाया विदाई गीत, जूही चावला ने रो-रोकर कर मांगी दुआ, बन गया हर बिटिया की विदाई की धड़कन
बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक विदाई गीत हुए. लेकिन 90 के दशक का क्या आपको वो गाना याद है, जब दुल्हन खुद अपने बाबुल से प्यार से दुआ देने की गुहार लगी रही है. फिल्म ‘साजन का घर’ का यह भावुक गीत है ‘बाबुल दे दो दुआ आज तो प्यार से’. बेटी की विदाई के उस पल को जीवंत कर देता है, जब खुशियों के बीच आंखें अपने आप भर आती हैं. स्क्रीन पर जूही चावला की नम आंखें, कांपती आवाज और माता-पिता से विदा लेने का दर्द हर घर की कहानी लगती है. वहीं, अलका याग्निक की दर्द और अपनापन समेटे आवाज इस गीत को आत्मा तक पहुंचा देती है. यह गाना सिर्फ एक फिल्मी सीन नहीं, बल्कि हर बिटिया की विदाई की भावना बन चुका है. शादी-ब्याह के मौके पर आज भी यह गीत सुनते ही माहौल भावुक हो जाता है. संगीत, बोल और अभिनय का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है, जो समय के साथ और भी गहरा होता चला गया है. शादी की रस्मों, खासकर विदाई के समय यह गीत आज भी उतना ही असरदार है जितना अपने दौर में था. यही वजह है कि दशकों बाद भी यह गीत लोगों की यादों और भावनाओं में जिंदा है.