वाराणसी में हवा में डोल रहा रोपवे का गंडोला, डरा रहा वायरल वीडियो, जानें क्या है सच्चाई
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Varanasi Ropeway Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने वाराणसी के बहुप्रतीक्षित रोपवे ट्रांसपोर्ट को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वीडियो में रोपवे का गंडोला हवा में झूलता नजर आ रहा है, जिसे लेकर तेज हवा और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, इस वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद तस्वीर कुछ और ही है. रोपवे निर्माण से जुड़ी एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह दृश्य किसी खतरे का नहीं, बल्कि सेफ्टी और तकनीकी टेस्टिंग प्रक्रिया का हिस्सा है.
वाराणसी: यूपी के वाराणसी में देश के पहले रोपवे ट्रांसपोर्ट का काम तेजी से जारी है. तीन स्टेशन पर 90 फीसदी से ज्यादा का काम पूरा हो गया है और अब अलग-अलग स्टेज पर इसकी टेस्टिंग की जा रही है. फ़िलहाल कैंट से रथयात्रा से बीच गंडोला का फुल स्पीड ट्रायल चल रहा है. लगातार इसके वीडियो भी सामने आ रहें है. इनसब के बीच अब वाराणसी के रोपवे ट्रांसपोर्ट की ऐसी तस्वीर सामने आई है. जो लोगों को डरा रही है.
सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर वायरल वीडियो में रोप वे का गंडोला हवा में झूलता नजर आ रहा है. दावा किया जा रहा है तेज हवा के झटके से गंडोला बुरी तरह हिल रहा है. हवा में झूलते गंडोला के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट्स किए जा रहें हैं. इन सब के बीच इस वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है. इसके लिए Local-18 की टीम ने रोप वे ट्रांसपोर्ट का निर्माण करने वाली कंपनी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अधिकारियों से संपर्क किया.
सेफ्टी,सिक्योरिटी और टेस्टिंग का हिस्सा
कंपनी के पीआरओ मनोज कुमार ने फोन पर बातचीत में बताया कि वायरल वीडियो में जो भी बातें बताई जा रही है, वो पूरी तरह से निराधार है. उन्होंने बताया कि फिलहाल अलग-अलग स्तर पर रोपवे ट्रांसपोर्ट की टेस्टिंग चल रही है. यह भी सेफ्टी,सिक्योरिटी और टेस्टिंग का एक हिस्सा है. उन्होंने बताया कि वीडियो में आपको यह भी साफ तौर पर दिखाई देगा कि हवा की रफ्तार उतनी तेज नहीं है. जितना लोगों को डराने के लिए बताया गया है. क्योंकि फ्लाईओवर पर लगे झंडे भी उस रफ्तार से नहीं फहर रहें जितनी रफ्तार से गंडोला हिलता नजर आ रहा है.
30 KM की रफ्तार में हो सकता है संचालन
मनोज कुमार ने बताया कि हवा की नार्मल रफ्तार का कोई भी असर रोपवे ट्रांसपोर्ट पर नहीं पड़ेगा. 30 से 40 किलोमीटर प्रति घण्टे हवा की रफ्तार पर इसका संचालन सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है. हालांकि तूफान के वक्त इसका संचालन बंद किया जाएगा. उन्होंने बताया कि रोपवे के सभी खंबों पर सेंसर अलार्मिंग सिस्टम लगाया गया है. जो ऐसी स्तिथि से पूर्व ही कंट्रोल रूम को सूचित करेगा.ऐसी स्तिथि में भी कुछ वक्त के लिए इसका सांचलन बंद होगा और यात्रियों को स्टेशन पर ही सुरक्षित रखा जाएगा.
काशी विश्वनाथ मंदिर की राह होगी आसान
बता दें कि वाराणसी में कैंट से गोदौलिया से बीच 807 करोड़ की लागत से रोपवे ट्रांसपोर्ट बनाया जा रहा है.इसमें कैंट से रथयात्रा के बीच स्टेशन का काम लगभग पूरा हो गया है.वहीं गिरजाघर और गोदौलिया स्टेशन का काम तेजी से जारी है.रोपवे ट्रांसपोर्ट का काम पूरा होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर की राह और आसान होगी.
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