Broom Remedies for Wealth। झाड़ू से जुड़े धन बढ़ाने के उपाय
Broom Vastu Rules: नया साल आते ही हर कोई चाहता है कि बीता हुआ समय पीछे छूट जाए और आगे का पूरा साल खुशहाली, तरक्की और आर्थिक मजबूती लेकर आए. जनवरी का महीना इसी नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इस महीने को खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि साल के पहले दिनों में किए गए छोटे-छोटे उपाय पूरे वर्ष का माहौल तय कर देते हैं. ऐसे में अगर घर से जुड़ी कुछ साधारण चीजों पर सही तरीके से ध्यान दिया जाए, तो धन और सुख दोनों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. हिंदू मान्यताओं में झाड़ू को सिर्फ सफाई का सामान नहीं माना गया है. इसे माता लक्ष्मी से जोड़ा जाता है और कहा जाता है कि झाड़ू का सही इस्तेमाल घर से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालकर सकारात्मकता को अंदर लाता है. ज्योतिष शास्त्र भी मानता है कि झाड़ू का सीधा संबंध धन की स्थिरता, खर्चों पर नियंत्रण और दरिद्रता से मुक्ति से जुड़ा होता है. साल 2026 की शुरुआत में ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए नए मौके लेकर आ रही है. ऐसे समय में अगर जनवरी के महीने में झाड़ू से जुड़े कुछ खास नियम और उपाय अपना लिए जाएं, तो पूरे साल आर्थिक परेशानी दूर रह सकती है. ये उपाय दिखने में बहुत छोटे लगते हैं, मगर इनका असर लंबे समय तक बना रहता है. वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के मुताबिक, जनवरी में झाड़ू से जुड़े तीन काम सही दिन और सही तरीके से कर लिए जाएं, तो घर में बरकत रुकती नहीं है. आइए जानते हैं वो तीन खास उपाय भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
1. पुरानी झाड़ू का विसर्जन और नई झाड़ू का आगमन
जनवरी के पहले सप्ताह को घर की ऊर्जा साफ करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. खासकर शनिवार के दिन पुरानी, टूटी या ज्यादा घिस चुकी झाड़ू को घर से बाहर निकाल देना चाहिए. वास्तु मान्यताओं के मुताबिक, टूटी झाड़ू घर में बेवजह के झगड़े, पैसों की तंगी और मानसिक तनाव बढ़ा सकती है. कई लोग सालों तक एक ही झाड़ू इस्तेमाल करते रहते हैं, जो सही नहीं माना जाता. पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकालते समय ध्यान रखें कि उसे कूड़े में फेंकने के बजाय किसी सुनसान जगह या बहते पानी में प्रवाहित कर दें. ऐसा माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा भी घर से बाहर चली जाती है. नई झाड़ू खरीदने के लिए कृष्ण पक्ष का समय शुभ माना गया है. कोशिश करें कि झाड़ू शाम के समय घर लाई जाए. जब आप जनवरी में नई झाड़ू घर लाएं, तो उसके हत्थे पर सफेद या सफेद-नीला धागा बांध दें. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इससे राहु और शनि के प्रभाव संतुलित रहते हैं और धन का प्रवाह बना रहता है. नई झाड़ू को सीधे इस्तेमाल में न लाएं, पहले उसे घर के मंदिर के पास रखकर मन ही मन लक्ष्मी जी से प्रार्थना करें.
2. झाड़ू को रखने की सही दिशा और तरीका
अकसर लोग सफाई के बाद झाड़ू को कहीं भी रख देते हैं, जबकि वास्तु के अनुसार यह एक बड़ी गलती मानी जाती है. झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां किसी की सीधी नजर न पड़े. जैसे हम अपने पैसे या कीमती चीजें छिपाकर रखते हैं, उसी तरह झाड़ू को भी खुले में नहीं रखना चाहिए. जनवरी से यह नियम पक्का कर लें कि झाड़ू को हमेशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में लेटाकर रखा जाए. इन दिशाओं को स्थिरता और सुरक्षा से जोड़ा जाता है. झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसे धन की हानि और अचानक खर्चों का संकेत माना जाता है. इसके अलावा, झाड़ू को बिस्तर, खाने की जगह या पूजा घर के पास रखना भी सही नहीं माना जाता. सही जगह पर रखी झाड़ू घर की बरकत बनाए रखती है और फालतू खर्चों पर खुद-ब-खुद कंट्रोल आने लगता है. माना जाता है कि जनवरी में यह आदत बना ली जाए, तो पूरे साल इसका फायदा मिलता है.
3. ब्रह्म मुहूर्त में सफाई और गुप्त दान का उपाय
अगर आप चाहते हैं कि साल 2026 में पैसों की आवक बनी रहे और रुके हुए काम बनने लगें, तो जनवरी में यह खास उपाय जरूर करें. किसी भी शुक्रवार को सूर्योदय से पहले उठें और पूरे घर की सफाई करें. इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत प्रभावशाली माना जाता है. सफाई के बाद दो या तीन नई झाड़ू लेकर किसी मंदिर की सीढ़ियों पर या मंदिर परिसर में चुपचाप रख दें. इसे गुप्त दान कहा जाता है. ध्यान रखें कि दान करते समय किसी को बताएं नहीं और न ही इसका फोटो या वीडियो बनाएं. शुक्रवार का दिन लक्ष्मी जी से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन किया गया झाड़ू दान बहुत असरदार माना जाता है.
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, इस उपाय से अलक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है और आर्थिक रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. एक बात का खास ध्यान रखें कि झाड़ू लगाते समय उसे पैर न लगाएं. ऐसा करना लक्ष्मी जी का अनादर माना जाता है और इससे ग्रहों की स्थिति बिगड़ सकती है.