‘मेरे पापा का नाम कोई मिटा नहीं सकता, रितेश देशमुख ने किस BJP नेता की टिप्पणी का दिया जवाब
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रितेश देशमुख का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई लोग उनके संयमित लेकिन दृढ़ जवाब की सराहना कर रहे हैं. एक्टर ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना यह साफ कर दिया कि जनसेवा से जुड़ी विरासत को शब्दों से मिटाया नहीं जा सकता.
रितेश देशमुख का जवाब अब सुर्खियों में है. नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख ने मंगलवार को महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर भावुक प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया पर नेता जी का बयान वायरल हुआ तो रितेश ने चुप्पी तोड़ी. उन्होंने एक वीडियो स्टेटमेंट में कहा कि लोगों के लिए जीने वालों का नाम दिलों में अंकित होता है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता.
रविंद्र चव्हाण ने सोमवार को लातूर में एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आपके जोश को देखकर कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से पूरी तरह मिटा दी जाएंगी. इस बयान के बाद से ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई थीं.
‘मेरे पापा का नाम कोई मिटा नहीं सकता’
इस पर रितेश देशमुख ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं, जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनका नाम जनता के दिलों पर अंकित होता है. कागज पर लिखे शब्द मिटाए जा सकते हैं, लेकिन जो दिल पर लिखा जाता है, उसे कोई मिटा नहीं सकता.’
सत्ता के घमंड में बीजेपी
कांग्रेस पार्टी ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए बीजेपी पर राजनीतिक अहंकार और इतिहास को मिटाने की कोशिश का आरोप लगाया. पार्टी नेताओं का कहना है कि विलासराव देशमुख ने महाराष्ट्र के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया और उनकी विरासत को इस तरह कमतर आंकना निंदनीय है. कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे बयान सत्ता के घमंड और एक ऐसे नेता के योगदान को न समझ पाने की मानसिकता को दर्शाते हैं, जिसने राज्य और खासतौर पर मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक काम किए.
दो बार मुख्यमंत्री रहे विलासराव देशमुख
गौरतलब है कि विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके थे और उन्हें एक विनम्र, विकासशील सोच वाले नेता के रूप में याद किया जाता है. उनके निधन के बाद भी लातूर और राज्य के अन्य हिस्सों में उनकी लोकप्रियता बनी हुई है.
गौरतलब है कि विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके थे और उन्हें एक विनम्र, विकासशील सोच वाले नेता के रूप में याद किया जाता है. उनके निधन के बाद भी लातूर और राज्य के अन्य हिस्सों में उनकी लोकप्रियता बनी हुई है.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें