Sakat Chauth 2026 Muhurat choghadiya time today bhog 3 shubh yog bhadra kaal | Sakat Chauth 2026 chand kab niklega | सकट चौथ पर 3 शुभ योग, जानें दिनभर के चौघड़िया मुहूर्त, भोग, आज चांद कब निकलेगा?

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Sakat Chauth 2026 Shubh Muhurat: आज सकट चौथ है. आज के दिन 3 शुभ योग में सकट चौथ का व्रत है. इसे तिलकुट चौथ, तिल चौथ, तिलकुटी चौथ, वक्रतुण्ड चतुर्थी और माघ संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है. आज सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग और आयुष्मान् योग है. सकट चौथ के दिन माताएं अपनी संतान के लिए व्रत रखती हैं और गणेश जी की पूजा करती हैं. आज पूजा के समय गणेश जी को तिलकुट का भोग लगाया जाता है. सकट चौथ में यह भोग सबसे अलग होता है. गणेश पूजा के बाद रात के समय में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य देते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ का व्रत और गणेश पूजा संतान के सुख और समृद्धि के लिए रखती हैं. सकट चौथ का व्रत माघ कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है. आइए जानते हैं सकट चौथ के मुहूर्त, शुभ योग, भद्रा काल, भोग, चौघड़िया मुहूर्त और पूजा बाद गणेश जी की मूर्ति का क्या करें?

सकट चौथ मुहूर्त और शुभ योग

माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: आज, मंगलवार, सुबह 8:01 बजे से
माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि का समापन: कल, बुधवार, सुबह 6:52 बजे पर
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:15 बजे से दोहपर 12:17 बजे एम तक
प्रीति योग: प्रात:काल से लेकर रात 08:21 पी एम तक
आयुष्मान् योग: रात 08:21 पी एम से कल शाम तक
भद्रा: सुबह में 07:15 ए एम से 08:01 ए एम तक
चन्द्रोदय का समय: रात 08:54 पी एम पर नई दिल्ली में.

शहर चांद निकलने का समय
दिल्ली 08:54 पी एम
मुंबई 09:23 पी एम
कोलकाता 08:15 पी एम
चेन्नई 08:59 पी एम
लखनऊ 08:41 पी एम
भोपाल 09:00 पी एम
जयपुर 09:03 पी एम
देहरादून 08:49 पी एम
पटना 08:25 पी एम

सकट चौथ का शुभ चौघड़िया मुहूर्त

दिन का चौघड़िया
चर-सामान्य: 09:51 ए एम से 11:09 ए एम
लाभ-उन्नति: 11:09 ए एम से 12:27 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 12:27 पी एम से 01:45 पी एम
शुभ-उत्तम: 03:03 पी एम से 04:21 पी एम

रात का चौघड़िया
लाभ-उन्नति: 07:21 पी एम से 09:03 पी एम
शुभ-उत्तम: 10:45 पी एम से 12:27 ए एम, जनवरी 07
अमृत-सर्वोत्तम: 12:27 ए एम से 02:09 ए एम, जनवरी 07
चर-सामान्य: 02:09 ए एम से 03:51 ए एम, जनवरी 07

सकट चौथ का भोग

लखनऊ के ज्योतिषाचार्य पं.राकेश पाण्डेय के अनुसार, सकट चौथ के दिन गणेश जी और चंद्र देव को तिल, गन्ना, शकरकंद, अमरूद, गुड़, घी का भोग लगाते हैं. इस भोग को रातभर बर्तन में या पीले वस्त्र इत्यादि से ढंककर रखा जाता है. कुछ जगहों पर इसे पहार कहते हैं. कुछ स्थानों पर तिलकुट बनाकर भोग लगाते हैं. आज रात में लगाए गए भोग को घर का बेटा खोलता है. उसके बाद उस प्रसाद को उसे परिवार में वितरित करना चाहिए.

सकट चौथ पर चंद्र अर्घ्य

आज जब आपके घर के बाहर चंद्रमा का उदय हो जाए तो आप पानी में कच्चा दूध, फूल, अक्षत् आदि डालकर चंद्र देव को अर्घ्य दें. इस व्रत में गणेश जी की पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान है. इसके बिना व्रत को पूरा नहीं माना जाता है.

पूजा के बाद गणेश जी की मूर्ति का क्या करें?

पूजा आप जिस गणेश जी की मूर्ति की स्थाप​ना करते हैं, पूजन के बाद उसका विसर्जन कर दिया जाता है, लेकिन सकट चौथ में ऐसा नहीं होता है. ज्योतिषाचार्य पाण्डेय का कहना है कि सकट चौथ के दिन आप पूजा के लिए जिस गणेश जी की मूर्ति और माता गौरी की स्थापना करते हैं, उनकी पूरे साल पूजा होती है. उनको पूरे वर्षभर घर में ही रखा जाता है. उसके बाद विसर्जन होता है, जब नए गौरी और गणेश जी की स्थापना होती है.

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