चंडीगढ़ के पास 20 हजार बीघा भूमि पर नया शहर बसाएगी सुक्खू सरकार, शिमला में 400 करोड़ से बनेगा शॉपिंग कॉम्पलेक्स

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ‘हिम चंडीगढ़’ के नाम से नया वर्ल्ड क्लास शहर बनाएगी. ये नया शहर चंडीगढ़ की सीमा के समीप बद्दी में बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में पीटरहॉफ में आयोजित ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ करने के बाद ये एलान किया.

सीएम ने कहा कि 20 हजार बीघा में ये शहर बसाया जाएगा, जिसके लिए 3400 बीघा भूमि चिन्हित की गई है. इसके लिए और भूमि जल्द मुहैया करवाई जाएगी और 3 पंचायतों के लोगों ने जमीन देने के लिए हामी भरी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्ति किए जाएंगे. इस अवसर पर सीएम ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, 15 म्यूनिसिपल शेयरड सर्विसेज़ सेंटरज, 09 ऑनलाइन सर्विसेज़, मुख्यमंत्री शहरी डिजिटल पहचान योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पुरस्कार योजना, सेंट्ररल बिज़िनेस डिस्ट्रिक्ट-हमीरपुर, शिमला और शहरी विकास विभाग में हाइड्रोलिक पार्किंग का शुभारम्भ किया.

मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को सेटलमेंट लेटर और अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवार्ड लेटर प्रदान किए. उन्होंने सराहनीय कार्य के लिए शहरी स्थानीय निकायों को पुरस्कृत भी किया. सीएम उपस्थिति में शहरी विकास विभाग ने 4 संस्थाओं तथा उपक्रमों के साथ विकास कार्यों के दृष्टिगत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए.इस मौके पर सीएम ने शहरी विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शहरी निकायों में एक ही पोर्टल पर सभी जन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. हिम सेवा सुविधा पोर्टल इस तरह की सेवाएं प्रदान करने वाला देश में सबसे अनूठा प्रयास है.

शिमला में 400 करोड़ रुपये की लागत से शॉपिंग कम्पलेक्स

सीएम सुक्खू ने कहा कि शिमला सब्ज़ी मंडी में लगभग 400 करोड़ रूपये की लागत से शॉपिंग कम्पलेक्स बनाया जाएगा. हमीरपुर में शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 150 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे. हमीरपुर में ओल्ड बस स्टैंड के स्थान पर आधुनिक शैली से शॉपिंग काम्पलेक्स बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित 707 करोड़ रूपये की योजनाएं शीघ्र ही कार्यान्वित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही शिमला शहर में 500 करोड़ रूपये की लागत से अतिरिक्त सुविधाओं का विकास किया जाएगा. नगर निगम शिमला क्षेत्र की तर्ज़ पर प्रदेश की अन्य नगर निगम क्षेत्र में यूटिलिटी डक्ट बनाई जाएंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर हिमाचल प्रदेश निरंतर सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है. बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की उभरती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार शहरी विकास की नई, समावेशी और टिकाऊ दिशा निर्धारित कर रही है.साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार शहरी स्थानीय निकायों में कामकाजी व्यवस्था को मजबूत करने, जन भागीदारी बढ़ाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नवोन्मेषी पहल कर रही है. शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी निरन्तर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है.

स्थानीय निकायों में जीआईएस आधारित मैपिंग का काम

मुख्यमंत्री ने कहा नवंबर, 2024 तक प्रदेश में 60 शहरी स्थानीय निकाय कार्यरत थे, जबकि अब प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिक क्षेत्रों को शहरी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता के साथ 75 सशक्त शहरी स्थानीय निकायों का सुदृढ़ ढांचा स्थापित किया गया है. सुक्खू ने कहा कि कोई भी योजना तभी सार्थक होती है; जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के अंतर्गत शहरी ग़रीबों को 120 दिनों का सुनिश्चित रोज़गार प्रदान किया जा रहा है. सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक भविष्य के शहरी विकास का मजबूत आधार बन रही है. इसके माध्यम से राजस्व वृद्धि, कर संग्रहण में पारदर्शिता और संपत्ति सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है. वर्तमान में 36 शहरी स्थानीय निकायों में जीआईएस आधारित मैपिंग कार्य आरंभ किया गया है.

छोटे दुकानदारों के हित में सरकार का अहम फैसला

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने छोटे दुकानदारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐसे दुकानदारों, जिन पर एक लाख रुपये तक का ऋण बक़ाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गै़र-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है. इसी प्रकार, जिन दुकानदारों पर एक लाख से दो लाख रुपये तक का बक़ाया ऋण है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी. उधर, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के शहरों में जनसंख्या के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है. नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के बाद उनका सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने के लिए दक्षता तथा समर्पण से कार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों की कार्यशैली में बदलाव आया है, हर क्षेत्र में समावेशी विकास के लिए प्रयास किया जा रहे हैं. उन्होंने शहरी विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरों में विकास के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है.

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