मोहम्मद शमी को चुनाव आयोग ने SIR विवाद में समन भेजा, जानें पूरा मामला.
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Mohammad Shami SIR Vivad: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी चुनाव आयोग की मैपिंग उलझन में फंस गए हैं. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत आयोग ने शमी और उनके भाई को सुनवाई के लिए बुलाया था. फिलहाल राजकोट में बंगाल की ओर से मैच खेल रहे शमी ने आयोग को पत्र लिखकर आने में असमर्थता जताई है। उन्होंने इसे अपनी आधिकारिक ड्यूटी बताते हुए अनुरोध किया है कि आगे की प्रक्रिया उनके मैनेजर के जरिए पूरी की जाए।
शमी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मैदान पर अपनी घातक गेंदों से दुनिया के दिग्गजों के स्टंप उखाड़ने वाले मोहम्मद शमी इस समय खुद चुनाव आयोग की गुगली में फंसते नजर आ रहे हैं. बंगाल की तरफ से राजकोट के मैदान में पसीना बहा रहे शमी के पास जब इलेक्शन कमीशन का समन पहुंचा तो खेल के गलियारों में खलबली मच गई. मामला वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मैपिंग विसंगति से जुड़ा है जिसने रफ्तार के इस बादशाह को क्रिकेट की पिच से सीधे कागजी कानूनी पिच पर लाकर खड़ा कर दिया है. SIR के तहत शमी और उनके भाई को सुनवाई के लिए बुलाया गया था. शमी ने फिलहाल आयोग के सामने पेश होने से हाथ खड़े कर दिए हैं.
मैदान पर ड्यूटी या दफ्तर में हाजिरी?
मोहम्मद शमी को 05 जनवरी 2026 को निर्वाचन अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना था. हालांकि शमी ने चुनाव आयोग को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी असमर्थता जाहिर की है. शमी ने बताया कि वह इस समय बंगाल राज्य टीम की ओर से घरेलू क्रिकेट मैच खेल रहे हैं और उनकी लोकेशन राजकोट है. शमी ने पत्र में स्पष्ट किया कि एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर यह उनकी आधिकारिक ड्यूटी है जिससे वह पीछे नहीं हट सकते.
क्या है पूरा विवाद?
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान शमी और उनके भाई के दस्तावेजों में मैपिंग की समस्या पाई गई है. यह अक्सर तब होता है जब एक ही व्यक्ति का नाम दो जगहों पर हो या एड्रेस प्रूफ में कोई तकनीकी खामी हो. इसी समस्या के समाधान के लिए आयोग ने उन्हें साक्ष्यों के साथ बुलाया था.
शमी ने पत्र में क्या लिखा?
शमी ने अपने पत्र में बहुत ही विनम्रता के साथ कहा, “मैं इस समय बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए राजकोट में हूं. मैचों में मेरी उपस्थिति अनिवार्य है, इसलिए मैं 5 जनवरी की सुनवाई में शामिल नहीं हो पाऊंगा. मुझे इस असुविधा के लिए खेद है, लेकिन मैं प्रक्रिया का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं.” शमी ने अनुरोध किया है कि आगे की कोई भी जानकारी या निर्देश उनके मैनेजर सौरजीत चटर्जी को दिए जाएं. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही वह खेल की व्यस्तता से मुक्त होंगे, वह चुनाव आयोग के सभी नियमों का पालन करेंगे. अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है. क्या आयोग शमी को नई तारीख देगा या उनके मैनेजर के जरिए दस्तावेज स्वीकार करेगा? आमतौर पर सेलिब्रिटी और खिलाड़ियों के मामले में आयोग लचीला रुख अपनाता है, बशर्ते साक्ष्य सही हों.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें