Delhi crime News: लक्ष्मी नगर में बाप-बेटे को नंगा कर पीटने वाले कहां हैं? दिल्ली पुलिस का एक्शन कितना असरदार? – laxmi nagar gym dispute father son assault stripping victim family trauma delhi police action latest update
नई दिल्ली. देश की राजधानी का व्यस्त इलाका कहा जाने वाला लक्ष्मी नगर में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया. दिल्ली के लक्ष्मी नगर में दिनदहाड़े बाप-बेटे को नंगा कर पीटने का एक सीसीटीवी फुटेज ने हिलाकर रख दिया. दिल्ली पुलिस को एक ओडियो हाथ लगी है, जिसमें मारपीट करने वाला शख्स खुद को बीजेपी और आरएसएस का नेता बता रहा था. पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. लेकिन इस घटना ने दिल्ली पुलिस के सुरक्षा दावों और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया. एक जिम के मालिकाना हक को लेकर उपजे विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि हमलावरों ने न केवल एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे निर्वस्त्र कर सड़क पर उसका जुलूस निकालने की कोशिश की.
इस घटना के बाद से पीड़ित का परिवार मीडिया और बाहरी लोगों से बात करने में कतरा रहा है. पीड़ित की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़ित शख्स की मां ने रुंधे गले से बताया, ‘हम दिल्ली जैसे शहर में रहते हैं, लेकिन इस घटना के बाद ऐसा लगा जैसे हम किसी जंगली युग में जी रहे हों. सरेआम मेरे बेटे को निर्वस्त्र किया गया, उसे लात-घूसों से पीटा गया और लोग तमाशबीन बने रहे. क्या यह रेप से कम है? अपराधी खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि अगर जिम खाली नहीं किया तो अंजाम और भी बुरा होगा.’
विवाद की जड़ जिम का मालिकाना हक
परिवार का कहना है कि वे अब लक्ष्मी नगर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और उन्हें डर है कि हमलावर फिर से उन पर हमला कर सकते हैं. दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरी वारदात लक्ष्मी नगर स्थित एक नामी जिम के मालिकाना हक और कब्जे को लेकर शुरू हुई थी. बताया जा रहा है कि पीड़ित ने कुछ साल पहले यह जिम पार्टनरशिप में शुरू किया था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से दूसरे पक्ष के साथ लेन-देन और कागजी कार्यवाही को लेकर विवाद चल रहा था. वहीं, दूसरा पक्ष, जिसमें स्थानीय दबंगों के शामिल होने की बात कही जा रही है, जिम पर अपना पूर्ण अधिकार जमाना चाहता था.
घर से जबरन खींचना कितना बड़ा जुर्म?
सोमवार सुबह इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई. हमलावरों ने पूर्व नियोजित तरीके से पीड़ित को घेरा और उस पर हमला बोल दिया. हमलावर सबसे पहले पीड़ित युवक को उसके घर से जबरन बाहर खींचते हैं. इसके बाद उसे सड़क पर घसीटते हुए ले जाया जाता है. इस दौरान पीड़ित चीख-पुकार करता है लेकिन उसके साथ लगातार मारपीट होता रहता है. यह पूरी घटना रिहायशी इलाके में हुई, जहां आसपास कई लोग मौजूद रहते हुए भी सामने नहीं आते हैं.
घटना की पूरी टाइमलाइन
सुबह 10:30 बजे: पीड़ित अपने जिम पहुंचा, जहां दूसरे पक्ष के 10-12 लोग पहले से मौजूद थे. वहां कागजातों को लेकर बहस शुरू हुई.
सुबह 11:15 बजे: बहस मारपीट में बदल गई. हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीड़ित पर हमला किया. जिम के भीतर तोड़फोड़ की गई.
दोपहर 12:00 बजे: हमलावर पीड़ित को घसीटते हुए सड़क पर ले आए. सरेआम उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया. इस दौरान हमलावरों ने इसका वीडियो भी बनाया.
दोपहर 12:45 बजे: पीड़ित द्वारा पीसीआर कॉल को जानकारी दी जाती है, जिसमें वह दिल्ली पुलिस से जल्दी से जल्दी मदद की गुहार लगा रहा है. वह बता रहा है कि उसके पिता को मार देंगे आप जल्दी आइए. दिल्ली पुलिस का एक सिपाही मौके पर पहुंचा. वह सिपाही पीड़ित को कपड़ा पहनने को कहा. इस दौरान वहां जो दबंग लोग थे वह धीरे-धीरे फरार हो गए.
दोपहर 01:30 बजे: पीड़ित को गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार शुरू हुआ.
दिल्ली पुलिस की अब तक की कार्रवाई
पूर्वी दिल्ली के डीसीपी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि थाना लक्ष्मी नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें मारपीट, जान से मारने की धमकी और मर्यादा भंग करने (IPC 354/506 के समकक्ष धाराएं) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस मामले में विकास यादव, शुभम यादव, ओमकार यादव और पिंटू यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश यादव सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं ताकि वारदात में शामिल हर शख्स की पहचान की जा सके.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ‘सरेआम निर्वस्त्र करने’ के कृत्य को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने की सिफारिश की जाएगी.’ लक्ष्मी नगर की यह घटना दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े करती है. लक्ष्मी नगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में, जहां हर मोड़ पर पुलिस की पिकेट होती है, वहां एक घंटे तक तांडव चलता रहा और पुलिस को इसकी खबर तब लगी जब वारदात अंजाम दी जा चुकी थी.