Karnataka News | Karnataka News Love Jihad Case- हिंदू बनने को भी था तैयार! सनकी रफीक ने सरेराह क्यों ली आंगनवाड़ी कुक की जान? जानें इस खौफनाक अंत की वजह
Karnataka News: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर आंगनवाड़ी कुक रंजिता भानसोडे की सरेराह चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. आरोपी रफीक इमामसाब शादी के लिए धर्म बदलने को भी तैयार था. हत्या के कुछ घंटे बाद उसने जंगल में आत्महत्या कर ली. यह घटना अस्वीकृति से उपजने वाली हिंसा की खतरनाक मिसाल है. कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से आई यह खबर इसलिए झकझोरती है, क्योंकि यहां प्रेम प्रस्ताव ठुकराने की कीमत एक महिला को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. आरोपी की जिद इस हद तक बढ़ चुकी थी कि वह शादी के लिए धर्म बदलने तक को तैयार था, लेकिन जब भी उसे ‘ना’ सुनने को मिला, तो वही ‘ना’ एक खौफनाक वारदात में बदल गई. दिनदहाड़े सरेराह हुई यह हत्या समाज के सामने कई असहज सवाल खड़े करती है.
यह सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है, जो अस्वीकृति को स्वीकार नहीं कर पाती. रंजिता भानसोडे की मौत और आरोपी रफीक इमामसाब की आत्महत्या दोनों इस बात की गवाही हैं कि जुनून जब हद पार करता है, तो अंजाम कितना भयावह हो सकता है.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना शनिवार को उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर कस्बे में हुई. आंगनवाड़ी कुक रंजिता भानसोडे (30) जब काम खत्म कर घर लौट रही थीं, तभी आरोपी रफीक इमामसाब ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए. मौके पर ही रंजिता की मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. आरोपी रफीक मौके से फरार हो गया, लेकिन कुछ घंटों बाद उसका शव येल्लापुर से करीब 4–5 किलोमीटर दूर जंगल में मिला. पुलिस के मुताबिक उसने आत्महत्या कर ली थी.
कैसे फिर जुड़ा दोनों का संपर्क?
पुलिस और परिजनों के अनुसार रंजिता और रफीक एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे. समय के साथ दोनों की राहें अलग हो गईं. रंजिता की शादी करीब 12 साल पहले महाराष्ट्र के सचिन कटेरा से हुई थी, लेकिन बाद में वह अलग रह रही थीं. रफीक की भी पहले एक गर्लफ्रेंड थी जिसकी शादी किसी और से हो गई थी. बाद में रंजिता एक सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ीं. इसी SHG से जुड़ा एक लोन मामला रफीक से संबंधित था. लोन की जानकारी देने के बहाने रंजिता का रफीक से फोन पर संपर्क फिर शुरू हुआ और यहीं से पुरानी पहचान दोबारा बातचीत में बदल गई.
क्यों बना शादी का दबाव?
रंजिता के भाई वीरभद्र भानसोडे के मुताबिक पिछले दो-तीन महीनों से रफीक लगातार शादी का दबाव बना रहा था. उसने यहां तक कह दिया था कि वह शादी के लिए हिंदू धर्म अपनाने को भी तैयार है. लेकिन रंजिता साफ इनकार कर चुकी थीं. वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती थीं और किसी दबाव में फैसला नहीं लेना चाहती थीं. यही इनकार रफीक को बर्दाश्त नहीं हुआ.
अनदेखी चेतावनी कैसे बन गई बड़ी भूल?
भाई ने बताया कि 15 से 20 दिन पहले रफीक अनजान नंबरों से कॉल करने लगा था. एक बार कॉल भाई ने उठाया और रफीक से बात हुई. उसे सख्त चेतावनी दी गई. इसके बाद रफीक ने माफी मांगी और दोबारा परेशान न करने का वादा किया. परिवार ने सोचा कि मामला सुलझ गया है, लेकिन अंदर ही अंदर रफीक की जिद और गुस्सा बढ़ता रहा जिसका अंजाम यह हत्या बनी.
घटना के बाद क्यों बढ़ा तनाव?
हत्या की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया. कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए येल्लापुर बंद का आह्वान किया. पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति संभाली और साफ किया कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है. रंजिता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और भाई को इस बात का अफसोस है कि समय रहते परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी गई.
यह घटना समाज के लिए एक सख्त चेतावनी है. प्रेम प्रस्ताव ठुकराया जाना अपराध नहीं, लेकिन उसे हिंसा में बदल देना सबसे बड़ा अपराध है. महिलाओं की सुरक्षा समय पर शिकायत और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की जरूरत है, ताकि ऐसी खौफनाक कहानियां दोहराई न जाएं.