सीतामढ़ी: महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों की लापरवाही पर एसपी ने मांगा जवाब, जानें पूरा मामला
Last Updated:
सभी थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित होने वाली ऑनलाइन बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होना है. इसके बावजूद 29 दिसंबर को निर्धारित समय पर आयोजित बैठक में केवल चुनिंदा थाने ही जुड़े.

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में ढिलाई बरतने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है. महिला हेल्प डेस्क से जुड़ी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लेने वाले थानों के प्रभारियों पर पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने सख्त रुख अपनाया है. निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने और अनिवार्य समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने के मामले में जिले के अनुसूचित जाति/जनजाति थाना, भूतही, बोखड़ा, नानपुर, पुनौरा, मेहसौल, सहियारा और सुरसंड थाना को छोड़ बाकी 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है.
हेल्प डेस्क प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश
मिली जानकारी के मुताबिक, पहले से ही सभी थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित होने वाली ऑनलाइन बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होना है. इसके बावजूद 29 दिसंबर को निर्धारित समय पर आयोजित बैठक में केवल चुनिंदा थाने ही जुड़े, जबकि 19 थानों के प्रभारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे. यह रवैया पुलिस अधीक्षक को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे गंभीर कर्तव्यहीनता बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई.
एसपी अमित रंजन ने दिया स्पष्ट आदेश
एसपी अमित रंजन ने स्पष्ट कहा है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने इसे मनमानी, आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता करार देते हुए चेतावनी दी कि आगे से यदि कोई भी अधिकारी इस तरह की लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि महिला हेल्प डेस्क का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को त्वरित सुनवाई एवं समाधान देना है. ऐसे में संबंधित प्रभारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी ही होगी.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सभी संबंधित 19 थानों के महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिला, तो संबंधित प्रभारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है. साथ ही उन्होंने सभी थानों को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि आगे से किसी भी परिस्थिति में मीटिंग या महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें