most auspicious in new year 2026 | शादी, गृह प्रवेश या शुरू करना चाहते हैं नया काम? साल 2026 में ये 6 दिन सबसे पवित्र
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Auspicious Day In 2026: सनातन ज्योतिष में मुहूर्त का अत्यंत विशेष स्थान है. मुहूर्त का अर्थ है, किसी कार्य को आरंभ करने का वह समय, जिसमें ग्रह-नक्षत्र अनुकूल होकर कार्य में सिद्धि प्रदान करें. साल 2026 में अगर आप कोई शुभ व मांगलिक कार्य करना चाहते हैं तो ये 6 दिन बेहद शुभ हैं. ये 6 दिन अबूझ मुहूर्त में गिने जाते हैं.

<strong>Most Auspicious Days In New Year 2026:</strong> हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पहले मुहूर्त देखने की परंपरा बहुत पुरानी है. आज भी लोग विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश, नया बिजनेस या वाहन खरीदने से पहले शुभ दिन और समय का इंतजार करते हैं. अगर आप नए साल में शादी, गृह प्रवेश या कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है. नए साल 2026 में कई खास अबूझ मुहूर्त पड़ रहे हैं, जिनमें आप आंख बंद करके शुभ काम कर सकते हैं. अबूझ मुहूर्त वे विशेष तिथियां होती हैं, जिन पर बिना पंचांग देखे, बिना दिन वार की चिंता किए कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है. मान्यता है कि इन दिनों किए गए काम स्वतः ही शुभ फल देते हैं. आइए जानते हैं साल 2026 में पड़ने वाले अबूझ मुहूर्त के बारे में…

<strong>सबसे पहले है बसंत पंचमी -</strong> बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, यह दिन वसंत ऋतु के आगमन के जश्न के तौर पर भी मनाया जाता है. इस दिन ज्ञान, संगीत और कला की माता सरस्वती की पूजा होती है. इस दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और पीली चीजों का दान भी करते हैं. बसंत पंचमी के पर्व से ही होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. बसंत पंचमी को विवाह, गृह प्रवेश और शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है. साल 2026 में यह पर्व 23 जनवरी को पड़ेगा.

<strong>इसके बाद आता है फुलेरा दूज</strong> – फुलेरा दूज का पर्व फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन प्रभु श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा होती है. विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा माना जाता है. साल 2026 में फुलेरा दूज का पर्व 19 फरवरी को मनाया जाएगा.
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<strong>अक्षय तृतीया -</strong> हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना जाता है और यह पर्व हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को मनाया जाता है. अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है. अक्षय तृतीया का पर्व अनंत समृद्धि और शुभता का प्रतीक है, इसलिए इस दिन नया बिजनेस शुरू करना, सोना-चांदी खरीदना या विवाह करना बेहद शुभ माना जाता है. साल 2026 में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. यह पर्व जैन और हिंदू दोनों धर्मों में महत्वपूर्ण है, जिसमें भगवान विष्णु और ऋषभदेव जी से जुड़ी कथाएं हैं.

<strong>जानकी नवमी-</strong> हिंदू धर्म में चौथा अबूझ मुहूर्त है जानकी नवमी. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को जानकी नवमी या सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है, जो माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जिनका जन्म मिथिला के राजा जनक को हल चलाते समय भूमि से हुआ था. जानकी नवमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन आप कोई भी शुभ कार्य बिना किसी पंचांग को देख कर सकते हैं. साल 2026 में जानकी नवमी का पर्व 25 अप्रैल को मनाया जाएगा.

<strong>गंगा दशहरा-</strong> ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है. यह दिन मां गंगा के धरती पर अवतरण के उत्सव के रूप में मनाते हैं. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन शुभ कार्य करना, विवाह, नया काम आदि कार्य बिना किसी पंचांग को देखे कर सकते हैं. गंगा दशहरा को अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है और यह दिन बेहद शुभ और पवित्र होता है. साल 2026 में गंगा दशहरा का पर्व 25 मई को मनाया जाएगा.

<strong>देवउठनी एकादशी-</strong> वहीं साल के अंत में आने वाली देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है. हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा (चातुर्मास) के बाद जागते हैं और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है. इस दिन से सभी शुभ व मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नया कार्य करना) की शुरुआत होती है. साल 2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को पड़ रही है.