रात में सोने से पहले दूध के साथ कर लें इस चीज का सेवन, कोसो दूर रही सर्दी, शरीर होगा बलवान! कई बीमारियों का काल – Jharkhand News
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यूं तो आपने कई तरह के च्यवनप्राश का सेवन किया होगा. बाजार में मिलने वाले कई तरह के च्यवनप्राश सेहत के लिए लाभदायक होते है. लेकिन ये ऐसा च्यवनप्राश है. जिसे अगर आप दूध के साथ मिलाकर लें तो कई बीमारी दूर हो जाएंगी.

आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे का दावा है कि उनके द्वारा तैयार किया गया केसर च्यवनप्राश शरीर को भीतर से मजबूती देने के साथ-साथ ठंड के मौसम में रोगों से बचाव करने में सहायक माना जाता है. बाजार में उपलब्ध सामान्य च्यवनप्राश से यह पूरी तरह अलग और खास है.

शिव कुमार पांडे पिछले कई वर्षों से आयुर्वेदिक पद्धति से च्यवनप्राश तैयार कर रहे हैं. उनके अनुसार यह च्यवनप्राश साधारण प्रक्रिया से नहीं, बल्कि गहन शोध और अनुभव के आधार पर बनाया जाता है. इसे तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगता है, जो इसकी गुणवत्ता को दर्शाता है.

केसर च्यवनप्राश बनाने की प्रक्रिया बेहद जटिल है. सबसे पहले केसर का शुद्ध सत्व निकाला जाता है. इसके बाद लौंग और मुनक्का के सत्व को मिलाया जाता है. यह पूरा निर्माण कार्य सत्सिध पद्धति से किया जाता है, जिससे औषधीय गुण सुरक्षित रहते हैं.
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इस च्यवनप्राश में 750 ग्राम केसर, 150 ग्राम लौंग का सत्व और 100 ग्राम मुनक्का का सत्व इस्तेमाल किया जाता है. इतनी महंगी और शुद्ध सामग्री के कारण ही यह च्यवनप्राश दुर्लभ और अत्यंत कीमती माना जाता है.

केसर की तासीर गर्म मानी जाती है, जो रक्त संचार को बेहतर करने और शरीर को शक्तिवर्धक बनाने में सहायक है. यह हृदय, मस्तिष्क, साइटिका और गठिया जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है. वहीं लौंग श्वसन तंत्र को मजबूत करती है और मुनक्का खून बढ़ाने में मददगार है.

शिव कुमार पांडे के अनुसार, इस च्यवनप्राश का सेवन रात में दूध के साथ करना सबसे अधिक लाभकारी होता है. सुबह पानी के साथ भी लिया जा सकता है. रोजाना भोजन के बाद सोने से पहले 2 ग्राम च्यवनप्राश लेने से शरीर को विशेष लाभ मिल सकता है.

इस केसर च्यवनप्राश की कीमत इसे और भी खास बनाती है. एक किलो केसर च्यवनप्राश की कीमत 5 लाख रुपये है, जबकि 10 ग्राम का डिब्बा 5000 रुपये में उपलब्ध है, जिसे लगभग पांच दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है.