झोपड़ी में लिव इन पार्टनर के साथ सो रहा था 53 साल का शख्स, दरवाजा बंद कर लगा दी आग, दोनों की मौत
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झोपड़ी में लगी आग में जलकर 53 वर्षीय किसान पी. शक्तिवेल और उनकी 40 वर्षीय लिव-इन पार्टनर एस. अमृतम की मौत हो गई. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.
झोपड़ी में लगी आग में जलकर 53 वर्षीय किसान पी. शक्तिवेल और उनकी 40 वर्षीय लिव-इन पार्टनर एस. अमृतम की मौत हो गई.तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले के चेंगम के पास एक छोटे से गांव पक्किरिपालयम में एक ऐसा मंजर दिखा, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. कभी दो लोगों के जीवन की आखिरी उम्मीद रही एक झोपड़ी राख में तब्दील हो चुकी थी. उसी राख के बीच 53 वर्षीय किसान पी. शक्तिवेल और उनकी 40 वर्षीय लिव-इन पार्टनर एस. अमृतम के जले हुए शव मिले. उनकी झोपड़ी को बाहर से बंद कर आग लगा दी गई थी, जिसमें जलकर दोनों की मौत हो गई थी.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार तड़के ग्रामीणों की नींद जली हुई चीज़ों की तीखी बदबू से खुली. जब लोग खेतों की ओर भागे तो देखा कि वहां मौजूद एक छोटी सी झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी. सूचना मिलते ही चेंगम पुलिस मौके पर पहुंची. शव इस कदर जल चुके थे कि पहचान मुश्किल हो रही थी. फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, स्नीफर डॉग से जांच कराई गई और मौके पर ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई.
तीन साल से दोनों रह रहे थे साथ
शक्तिवेल और अमृतम दोनों की जिंदगी पहले ही कई टूटनों से गुजर चुकी थी. शक्तिवेल तीन साल पहले अपनी पत्नी से अलग हो गए थे. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं, जो अब मां के साथ बेंगलुरु में रहते हैं. अमृतम भी अपने पति से अलग रह रही थीं और उनके भी तीन बच्चे हैं. बीते तीन साल से दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे और गांव के बाहर खेत में बनी एक छोटी सी झोपड़ी में साथ रह रहे थे.
शक्तिवेल से मिलने आई थी बेटी
गुरुवार की रात शक्तिवेल की बेटी उनसे मिलने आई थी. साथ में खाना खाया और रात करीब नौ बजे लौट गई. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उनकी आखिरी मुलाकात होगी. रात के सन्नाटे में किसी ने झोपड़ी का दरवाज़ा बाहर से बंद किया और आग के हवाले कर दिया. दो जिंदगियां चीख तक नहीं पाईं और सब कुछ खामोशी में खत्म हो गया.
चेंगम पुलिस ने दोनों की मौत को संदिग्ध मानते हुए मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें दोनों के पूर्व जीवन से जुड़े रिश्तों की भूमिका भी खंगाली जा रही है. यह घटना सिर्फ दो लोगों की हत्या नहीं, बल्कि उस समाज के लिए भी एक सवाल है, जहां टूटे रिश्तों के बीच नया जीवन शुरू करने की कोशिश करने वालों को इतनी बेरहमी से खामोश कर दिया गया.
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