गाजियाबाद में झुग्गी बस्ती में सत्यापन के दौरान SHO का अजीब तरीका हुआ वायरल, पीठ पर मोबाइल रखकर पूछा ‘बांग्लादेशी तो नहीं’
गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कौशांबी थाना प्रभारी (SHO) अजय शर्मा, झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोगों की जांच के दौरान एक व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखकर यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि इससे तुरंत पता चल जाता है कि कोई व्यक्ति अवैध प्रवासी है या नहीं, जबकि वीडियो में व्यक्ति खुद को बिहार का निवासी बता रहा है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि इस 26 सेकंड के वायरल वीडियो में SHO अजय शर्मा अन्य पुलिसकर्मियों और RAF टीम के साथ नजर आ रहे हैं. पूछताछ के दौरान, जब एक व्यक्ति ने अपना पहचान पत्र दिखाते हुए खुद को बिहार के अररिया का निवासी बताया, तो SHO ने उससे पूछा कि वह बिहार से है या बांग्लादेश से. व्यक्ति के बार-बार बिहार का निवासी होने पर SHO यह कहते दिखाई देते हैं कि उनके पास एक ऐसी मशीन है, जो तुरंत बता देती है कि कोई व्यक्ति कहां का है. इसके बाद एक सिपाही उस व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखता है और SHO यह दावा करते हैं कि मशीन “बांग्लादेश” दिखा रही है. इस पर व्यक्ति कहता है कि वह बिहार का ही रहने वाला है और बस्ती में कोई बांग्लादेशी नहीं है.
SHO अजय शर्मा के खिलाफ जांच शुरू
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद डीसीपी ट्रांस-हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि कौशांबी थाने के SHO अजय शर्मा के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है. यह जांच इंदिरापुरम के एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव करेंगे. वहीं, अब यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया है, जहां से गाजियाबाद पुलिस से पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी गई है.
23 दिसंबर की है पूरी घटना
यह पूरी घटना 23 दिसंबर की बताई जा रही है, जब कौशांबी थाना पुलिस ने भौवापुर की झुग्गी बस्ती में सत्यापन अभियान चलाया था. इस बस्ती में करीब 50 झुग्गियां हैं. पुलिस ने 2–3 लोगों के दस्तावेजों की जांच की, लेकिन जांच के दौरान अपनाए गए तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल खड़े हो गए कि क्या कोई ऐसी मशीन भी है जिससे नागरिकता पता की जा सकती है.
अजय शर्मा ने दी सफाई
वहीं, इस मामले पर SHO अजय शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी पर दबाव नहीं बनाया. कोई ऐसी मशीन नहीं है. मैंने गलत तरीके से कुछ नहीं कहा. मैं मजाक में कह रहा था कि सच बता दो, नहीं तो मशीन बता देगी. मेरा उद्देश्य सिर्फ सच्चाई जानना था.