जोधपुर की कचौरी रेसिपी: मसालेदार और कुरकुरी स्नैक बनाने का तरीका.
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जोधपुर की कचौरी अपने मसालेदार मूंग दाल भरावन और कुरकुरे स्वाद के लिए मशहूर है. यह राजस्थानी संस्कृति की खास डिश सर्दियों और त्योहारों पर खूब पसंद की जाती है.

राजस्थान का नाम आते ही मसालेदार और चटपटी डिशेज़ याद आती हैं. इनमें से एक है जोधपुर की कचौरी, जो अपने अनोखे स्वाद और कुरकुरेपन के लिए मशहूर है. यह स्नैक खासतौर पर सर्दियों में चाय के साथ या त्योहारों पर बनाई जाती है. आइए जानें इसे बनाने का तरीका और कुछ खास टिप्स.
कचौरी बनाने के लिए सामग्री
आटे के लिए:
2 कप मैदा
4 बड़े चम्मच तेल या घी
नमक स्वादानुसार
पानी जरूरत अनुसार
भरावन के लिए:
1 कप मूंग दाल (भिगोकर दरदरी पीसी हुई)
2 बड़े चम्मच तेल
1 छोटा चम्मच जीरा
1 छोटा चम्मच सौंफ
½ छोटा चम्मच हींग
1 छोटा चम्मच हल्दी
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
नमक स्वादानुसार
अमचूर पाउडर या नींबू का रस
कचौरी बनाने का तरीका
आटा तैयार करें
मैदा में नमक और तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. फिर पानी डालकर मुलायम आटा गूंध लें और 15-20 मिनट के लिए ढककर रख दें.
भरावन तैयार करें
एक पैन में तेल गरम करें. इसमें जीरा, सौंफ और हींग डालें. फिर मूंग दाल डालकर हल्का भूनें. इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालें. अंत में अमचूर पाउडर डालकर मिश्रण को ठंडा होने दें.
कचौरी बनाएं
आटे की लोई लें, उसमें भरावन भरें और गोल आकार दें. हल्का सा दबाकर कचौरी का आकार दें.
तलना
गरम तेल में कचौरी को धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें.
जोधपुरी कचौरी खाने के फायदे
ऊर्जा का स्रोत: मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है.
स्वाद और परंपरा: यह डिश राजस्थानी संस्कृति का हिस्सा है.
सर्दियों के लिए परफेक्ट: मसालेदार भरावन शरीर को गर्म रखता है.
टिप्स
कचौरी को धीमी आंच पर तलें ताकि वह अंदर तक कुरकुरी बने.
भरावन में मसाले अपनी पसंद के अनुसार एडजस्ट कर सकते हैं.
इसे हरी चटनी या इमली की चटनी के साथ परोसें.
जोधपुर की कचौरी एक ऐसी डिश है जो हर मौके पर स्वाद का तड़का लगाती है. इसे घर पर बनाना आसान है और यह आपके मेहमानों को जरूर पसंद आएगी.