दिल्ली पुलिस ने नकली Tata नमक, घी, Eno और All Out का पर्दाफाश किया
Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ईस्टर्न रेंज-I ने जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके नकली ब्रांडेड घरेलू और खाद्य उत्पादों के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में चार आरोपियों नितिन कुमार, रजत सिंघल उर्फ चिंटू, सुरेंद्र गुर्जर और मुजाहिद उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी नकली घी, ईनो, ऑल आउट, वीट और टाटा नमक जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर बाजार में घटिया और मिलावटी सामान बेच रहे थे.
29 दिसंबर 2025 को क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तम नगर इलाके में भारी मात्रा में नकली ब्रांडेड सामान की डिलीवरी होने वाली है. सूचना के आधार पर एसआई शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में टीम ने मेट्रो पिलर नंबर 680 के पास निगरानी शुरू की. दोपहर करीब 2.15 बजे संदिग्ध वाहनों को रोका गया और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद हुए.
पुलिस ने मौके से 1131 लीटर नकली घी, 8640 ईनो सैशे, 1200 ऑल आउट, 1152 वीट उत्पाद और करीब 3000 किलो टाटा नमक जब्त किया. कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों ने मौके पर ही जांच के बाद सभी सामान को नकली और काउंटरफिट बताया.
पूछताछ में मुख्य आरोपी नितिन कुमार ने खुलासा किया कि कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में नकली घी बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी. इसके बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर नकली घी, पैकिंग मशीनें, फर्जी रैपर और कच्चा माल बरामद किया. किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज मौके पर नहीं मिले, जिससे साफ हुआ कि यह एक संगठित आपराधिक साजिश थी.
आगे की जांच में निलोठी एक्सटेंशन और निहाल विहार इलाके से लगभग 2000 किलो नकली टाटा नमक बरामद किया गया, जिसे फर्जी पैकिंग के साथ बाजार में सप्लाई किया जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी असली ब्रांड के खाली डिब्बे और रैपर खरीदकर उनमें मिलावटी उत्पाद भरते थे और सस्ते दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे.
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 373 दिनांक 30.12.2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे रैकेट को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.