Delhi Airport | IGI Airport | Fog Flights Delay | Fog Flights Cancellation | IGI एयरपोर्ट: जब उम्‍मीद छोड़ने लगे थे पैसेंजर, बेचैनी से होने लगा था बुरा हाल, तब कैसे लाइफ लाइन बना रनवे 28/10 | IGI Airport When passengers starting lose hope increasingly anxious how runway 28/10 become a lifeline

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Delhi IGI Airport Fog Impact: दिल्‍ली एयरपोर्ट की यह घटना पैसेंजर्स के लिए किसी चमत्‍कार से कम नहीं थी. जब एयरपोर्ट की तीन रनवे पूरी तरह से घने कोहरे की चादर से डूबे हुए थे, तब एयरपोर्ट के बीचों बीच स्थिति एक रनवे पर अप्रत्‍याशित तौर पर सबकुछ ठीक नजर आ रहा था. यह नजारे पर किसी के लिए भी भरोसा करना मुश्किल हो रहा था.

IGIA: उम्‍मीद छोड़ने लगे पैसेंजर, बेचैनी से था बुरा हाल, लाइफ लाइन बना 28/10

Delhi IGI Airport: दिल्‍ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रात के करीब दस बजे रहे होंगे. हजारों की संख्‍या में पैसेंजर अपनी फ्लाइट की बोर्डिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. तभी अचानक फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (FIDS) पर फ्लाइट्स का स्‍टेटस तेजी से बदलना शुरू हो हो गए, जिन्‍हें देखकर पैसेंजर्स की टेंशन और माथे के बल लगातार बढ़ते चले गए. पहले सबको लगा कि कुछ देर में सबकुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद स्थिति सुधरने के बजाय ब‍िगड़ना शुरू हो गई.

जिसे देखकर इंटरनेशनल पैसेंजर्स की बेचैनी बढ़ने लग गई. लेकिन इसी बीच, एयरपोर्ट का रनवे 28/10 फ्लाइट ऑपरेशन के लिए लाइफलाइन बनकर सामने आया. रनवे 28/10 से मिली लाइफ लाइन की वजह से पैसेंजर्स को न केवल थोड़ी राहत महसूस हुई. साथ ही, एक उम्‍मीद जागी कि अब वह अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाएंगे. दरअसल यहां पर हम आईजीआईए एयरपोर्ट पर घने कोहरे की वजह से बिगड़े हुए हालात की बात कर रहे है. बीते कई दिनों से एयरपोर्ट पर घने कोहरे के वजह से फ्लाइट शेड्यूल बुरी तरह से बिगड़ गया है.

जब आरवीआर पहुंचा 200 मीटर से भी नीचे
कल यानी 29 दिसंबर 2025 को रात दस बजे आईजीआई एयरपोर्ट एक बार फिर घने कोहरे की चपेट में आ चुका था. नार्मल विजिबिलिटी लगभग शुरू हो चुकी थी. रनवे पर लगा इंट्रूमेंट लैंडिंग सिस्‍टम (आईएलएस) और कैट-थ्री सिस्‍टम में 200 मीटर से भी आगे नहीं देख पा रहा था. ऐसे में, ऐसे फ्लाइट्स के लिए मुसीबत खड़ी हो गई थी, जो कैट थ्री टेक्‍नोलॉजी से लैस नहीं थे. लैस थे तो उनके पायलट ऐसी पर‍िस्थिति में फ्लाइट ऑपरेशन करने में ट्रेंड नहीं थे. हालात इस कदर बिगड़ने लगे थे कि दिल्‍ली आने वाली करीब दस फ्लाइट्स को डाइटर्व कर दिया गया था.

तब रनवे 28/10 दिखी चमत्कार जैसी घटना
इसी बीच, चमात्‍कारिक तौर पर रनवे 28/10 पर विजिबिलिटी 1200 मीटर तक पहुंच गई. यह कोई सामान्‍य बात नहीं है. आप सोचिए, थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चार रनवे हैं, जिसमें अगल-बगल के तीन रनवे पर आरवीआर 200 मीटर से कम है, यानी आंखों से 10 मीटर से ज्‍यादा नहीं देखा जा सकता है. ऐसी स्थिति में चारों रनवे के बीचों बीच एक रनवे ऐसा है, जिसमें विजिबिलिटी बिल्‍कुल सामान्‍य है. उसमें 1200 मीटर तक बिना किसी दिक्‍कत के देखा जा सकता है. यह स्थिति एयरपोर्ट फ्लाइट ऑपरेशन और पैसेंजर्स की तरह लाइफ लाइन की तरह था.

आखिरकार पैसेंजर्स ने ली राहत की सांस
जिन पैसेंजर्स को फ्लाइट डिले होने या कैंसल होने का खौफ सता रहा था. जिन्‍हें यह सोंच कर पसीना आ रहा था कि उनकी आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट जाएगी, होटल बुकिंग और मीटिंग का क्‍या होगा, ने रनवे 28/10 की वजिबिटली जानने के बाद राहत की सांस ली. उनको इस बात का भरोसा हो गया कि थोड़ा देर से ही सही बल्कि उनकी फ्लाइट उनके गंतव्‍य के लिए उड़ान भरुर भर जाएगी.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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