नए साल के जश्न में घुलने वाला था जहर, पुलिस को लगी भनक, पकड़ा गया 10 करोड़ वाला माल | poisonous substance mixed into New Year celebrations police got a tip-off seized goods worth 10 crore rupees
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New Year Celebrations: नए साल के जश्न में मीठा जहर घोलने की साजिश को दिल्ली पुलिस ने नाकाम करते हुए दो आरोपियों को अरेस्ट किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे करोड़ों रुपए की ड्रग्स बरामद की गई है.

New Year Party: नए साल की खुशियों में अगर यह धीमा जहर घुल जाता, तो दिल्ली-एनसीआर के कई घरों की बर्बादी लगभग तय थी. जश्न से ठीक पहले क्राइम ब्रांच की मुस्तैदी ने उस खतरनाक मंसूबे को नाकाम कर दिया, जिसमें इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट दिल्ली-एनसीआर में करोड़ों की हेरोइन खपाने की तैयारी में था. समय रहते मिले सीक्रेट इंटेल और सटीक कार्रवाई के दम पर पुलिस ने 2.034 किलो हेरोइन बरामद कर दो शातिर तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. बरामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है.
जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच के हेड कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार को मुखबिर ने बताया कि इंद्रपुरी निवासी अंशुल राणा नाम का एक ड्रग सप्लायर भारी मात्रा में हेरोइन लेकर द्वारका सेक्टर-08 स्थित क्वीन्स वैली स्कूल के पास किसी को डिलीवरी देने आने वाला है. न्यू ईयर पार्टी से ठीक पहले हेरोइन की इतनी बड़ी खेप के दिल्ली आने का मतलब सभी को समझ में आ चुका था. सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर पवन सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम में एसआई अनुज छिकारा, कुलदीप सिंह, एएसआई श्रीओम, हेड कॉन्स्टेबल रविंदर सिंह, प्रमोद कुमार भी शामिल थे.
निर्धारित योजना के तहत पुलिस टीम ने क्वीन्स वैली स्कूल से सटे डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास जाल बिछाया. जैसे ही मुखबिर ने इशारा किया, टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अंशुल राणा को धर दबोचा. जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से 2.034 किलो हेरोइन बरामद हुई. मौके पर ही साफ हो गया कि यह खेप नए साल के जश्न से पहले बाजार में उतारने की तैयारी थी. अंशुल राणा की गिरफ्तारी के बाद एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई. पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि वह अकेला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है.
उसने यह भी कबूला कि बरामद हेरोइन उसे मदिपुर निवासी गंगा प्रसाद उर्फ विक्की ने सप्लाई की थी. इस अहम सुराग के बाद पुलिस की नजर दूसरे आरोपी पर टिक गई. इसी बीच, एसआई अनुज छिकारा को इंटेल मिली कि गंगा प्रसाद उर्फ विक्की लक्ष्मी नगर इलाके में छिपा हुआ है. टेक्निकल सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन कंफर्म की गई. लोकेशन कंफर्म होते ही लक्ष्मी नगर में रेड कर गंगा प्रसाद उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि गंगा प्रसाद उर्फ विक्की उत्तर प्रदेश के बरेली से थोक में हेरोइन खरीदता था और उसे दिल्ली लाकर अंशुल राणा को सप्लाई करता था.
इसके बाद अंशुल राणा इस नशे को दिल्ली-एनसीआर में छोटे-छोटे तस्करों और रिटेल नेटवर्क के जरिए फैलाता था. सप्लाई के लिए स्कूटी का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो. पुलिस ने अंशुल राणा के कब्जे से हेरोइन के अलावा नशे की सप्लाई में इस्तेमाल की गई स्कूटी और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. वहीं, गंगा प्रसाद उर्फ विक्की से भी तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल गिरोह चलाने में किया जा रहा था. जांच में यह भी पता चला कि गंगा प्रसाद पहले भी एनडीपीएस समेत कई गंभीर मामलों में शामिल रह चुका है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें