दिल लगाया, दौलत गंवाई! बुढ़ापे का प्यार और लूटेरी गर्लफ्रेंड, करोड़ों लूटकर दिखाई असली सूरत
गुरुग्राम. साल 2025 के खत्म होते-होते साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है. साइबर सिटी गुरुग्राम में एक दोस्त ने ही दोस्त के साथ भरोसे का कत्ल कर दिया. एक शख्स को उसकी एक महिला मित्र ने अपनी बातों के जाल में ऐसा फंसाया कि उसने धीरे-धीरे अपनी जिंदगी भर की कमाई 2.18 करोड़ रुपये उस पर न्योछावर कर दिया. लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो उस शख्स की पैरों तले से जमीन खिसक गई. दरअसल, उसकी गर्लफ्रेंड अपनी बहन के कैंसर के इलाज के नाम पर पैसे ऐंठ रही थी, जो एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था. गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हैदराबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस शख्स से जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाली है.
यह पूरी कहानी शुरू हुई मई 2024 में. पीड़ित व्यक्ति की मुलाकात यांगजी शेरपा उर्फ यामा नाम की महिला से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी हो गई. यामा ने पीड़ित का भरोसा जीत लिया और फिर शुरू हुआ धोखाधड़ी का वह खौफनाक खेल, जो करीब एक साल तक चला. यामा ने पीड़ित को बताया कि उसकी बहन एक जानलेवा बीमारी यानी कैंसर से जूझ रही है और उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं. उसने रो-रोकर पीड़ित के सामने मदद की गुहार लगाई. दोस्त की मजबूरी देखकर पीड़ित का दिल पसीज गया और उसने पैसे देने शुरू कर दिए.
इलाज के नाम पर बुना गया झूठ का ताना-बाना
मई 2024 से लेकर अप्रैल 2025 के बीच यामा ने अलग-अलग किश्तों में पीड़ित से कुल 2.18 करोड़ रुपये ऐंठ लिए. कभी दवाओं के नाम पर, कभी कीमोथेरेपी के नाम पर तो कभी अस्पताल के बिलों के नाम पर यह मोटी रकम वसूली गई. पीड़ित को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस दोस्त की वह मदद कर रहा है, वह उसे करोड़ों का चूना लगा रही है. लेकिन एक दिन शख्स को महिला पर संदेह हुआ. उस शख्स ने महिला का पीछा करना शुरू कर दिया तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई.
पुलिस की गिरफ्त में आया हैदराबाद का साथी
पीड़ित को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसे शक हुआ कि उसके साथ ठगी हो गई. उसने तुरंत गुरुग्राम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामला संवेदनशील और करोड़ों की ठगी का था, इसलिए इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई. पुलिस ने जब जांच शुरू की और बैंक खातों व कॉल डिटेल्स को खंगाला तो कड़ियां हैदराबाद से जुड़ने लगीं.
गिरोह के अन्य सदस्य की तलाश तेज
बीते सोमवार को पुलिस टीम ने हैदराबाद में छापेमारी की और वहां से अजहर अहमद नाम के एक युवक को धर दबोचा. पुलिस के मुताबिक, अजहर इस पूरी ठगी में यामा का मुख्य सहयोगी था. मंगलवार को उसे हैदराबाद की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसे चार दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. अब उसे गुरुग्राम लाया जा रहा है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य आरोपी महिला यांगजी शेरपा तक पहुंचा जा सके.
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पूछताछ में अजहर अहमद ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. उसने बताया कि कैसे वे लोगों को अपनी बातों में फंसाते थे और भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करके पैसे वसूलते थे. मुख्य आरोपी यामा ने इस ठगी के पैसे को कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है.
इस रैकेट में शामिल और लोगों की तलाश
गुरुग्राम पुलिस की टीमें अब मुख्य आरोपी महिला यांगजी शेरपा की तलाश में छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का मानना है कि अजहर से पूछताछ के बाद इस रैकेट के और भी कई राज खुल सकते हैं. यह मामला इस बात का सबूत है कि कैसे शातिर अपराधी अब डिजिटल युग में भावनाओं का सहारा लेकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर लोगों को आगाह किया है कि चाहे दोस्ती कितनी भी पुरानी या गहरी क्यों न हो, करोड़ों के लेन-देन से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूरी है. खासकर जब बात ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या गंभीर बीमारी के नाम पर मदद की हो.
साइबर और आर्थिक अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने अपील की है कि किसी को भी बड़ी रकम देने से पहले अस्पताल के दस्तावेजों और व्यक्ति की पृष्ठभूमि की पुष्टि अवश्य करें. फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता मुख्य आरोपी यामा को पकड़ना और पीड़ित के पैसे बरामद करना है. यह मामला गुरुग्राम में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक ‘दोस्त’ ने विश्वास की सारी हदें पार कर दीं.