यात्रियों को परेशान करने वाली इंडिगो पर लगा 458 करोड़ का जुर्माना, कंपनी बोली- सरकार के इस फैसले को देंगे चुनौती

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Indigo GST Notice : भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस इं‍डिगो ने दावा किया है कि सरकार की ओर से की गई 458 करोड़ की जीएसटी डिमांड नोटिस को वह कानूनी रूप से चुनौती देगी. इससे पहले भी कंपनी को 2 और जीएसटी नोटिस जारी हो चुका है.

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यात्रियों को परेशान करने वाली इंडिगो पर 458 करोड़ जुर्माना, कंपनी देगी चुनौती इंडिगो ने 458 करोड़ की जीएसटी डिमांड का विरोध किया है.

नई दिल्‍ली. पिछले दिनों देश के लाखों यात्रियों को नाको चने चबवाने वाली सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो पर सरकार ने 458 करोड़ रुपये का जीएसटी जुर्माना ठोक दिया है. अब कंपनी ने कहा है कि सरकारी अधिकारियों ने उस पर 458 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी जुर्माना लगाया है और वह इस फैसले को चुनौती देगी. कंपनी ने यह भी कहा कि जीएसटी विभाग का यह आदेश गलत है और कानून के अनुरूप नहीं है. लिहाजा अब इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाया जाएगा.

शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक सीजीएसटी-दक्षिण दिल्ली के आयुक्त कार्यालय के अतिरिक्त आयुक्त ने यह जुर्माना लगाया है. यह केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 74 के तहत वित्तवर्ष 2018-19 से वित्तवर्ष 2022-23 की आकलन अवधि से संबंधित है. कंपनी ने बताया कि जीएसटी विभाग ने विदेशी आपूर्तिकर्ता से मिले मुआवजे पर जीएसटी मांग, ब्याज और जुर्माना लगाने तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट को अस्वीकार करने का आदेश पारित किया है. कंपनी का विश्वास है कि जीएसटी विभाग द्वारा पारित आदेश गलत है और कानून के अनुरूप नहीं है. उन्‍होंने यह आदेश बाहरी कर सलाहकारों की सलाह पर लगाया है. अब कंपनी इस आदेश को चुनौती देगी और उक्त आदेश के खिलाफ उपयुक्त कानूनी उपाय अपनाएगी.

क्‍यों लगा कंपनी पर जुर्माना
जीएसटी विभाग का मानना है कि इंडिगो को विदेशी सप्‍लायरों जैसे एयरक्राफ्ट निर्माताओं और मेंटेनेंस सुविधा देने वालों से मिला मुआवजा भी टैक्‍स के दायरे में आता है और उस पर जीएसटी चुकाया जाना चाहिए. इसके अलावा कंपनी की ओर से कुछ इनपुट पर क्‍लेम किए गए आईटीसी को भी जीएसटी विभाग ने अस्‍वीकार कर दिया. साउथ दिल्‍ली के जीएसटी कमिश्‍नर के आदेश पर यह डिमांड जारी की गई है. यह डिमांड पिछले 4 वित्‍तवर्ष के दौरान किए गए लेनदेन पर उठाई गई है. दूसरी ओर, कंपनी का दावा है कि वह इसे कानूनी रूप से चुनौती देगी और इस दौरान उसके परिचालन या अन्‍य सेवा संबंधी गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

कंपनी को मिली जीएसटी की तीसरी डिमांड
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ दिसंबर महीने में ही इंडिगो को यह तीसरी जीएसटी डिमांड नोटिस मिली है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उसके फ्लाइट कैंसिल करने के बाद यात्रियों को हुई असुविधा के बाद सरकार ने यह नकेल कसनी शुरू की है. इससे पहले कंपनी को वित्‍तवर्ष 2020-21 के लिए 58 करोड़ रुपये की जीएसटी डिमांड वाली नोटिस थमाई जा चुकी है, जबकि दूसरा जीएसटी नोटिस 117 करोड़ रुपये का जारी किया गया था. अब उसे वापस 458 करोड़ रुपये का जीएसटी डिमांड नोटिस जारी किया गया है. इससे पहले भी कंपनी से 116 करोड़ रुपये का जीएसटी डिमांड किया गया है, जिसका विवाद आज तक चल रहा है और इस बार भी कंपनी कह रही है कि उसके पास इस नोटिस के खिलाफ मजबूत कानूनी आधार है.

कंपनी पर क्‍यों लगता है जीएसटी
जैसा कि आपको पता है कि जीएसटी सभी प्रकार की वस्‍तु एवं सेवाओं की खरीद पर लगाया जाता है. इंडिगो जैसी एयरलाइंस पर सामान्‍य रूप से रोजाना जीएसटी लगता है, क्‍योंकि यह कंपनियां रोजाना के ऑपरेशंस पर यात्रियों से जीएसटी कलेक्‍ट करती है. हवाई टिकट पर 5 फीसदी जीएसटी और कुछ सेवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी वसूलती हैं, जिसे सरकार के पास जमा कराना होता है. हालांकि, यह कुल जीएसटी होता है जबकि सरकार को इनपुट टैक्‍स क्रेडिट क्‍लेम करने के बाद जीएसटी का भुगतान करना होता है. अगर सरकार के डिमांड में कोई गड़बड़ी होती है तो कानूनी आधार पर इसका निपटारा किया जाता है और मामला फाइनल होने पर ही जीएसटी वसूला जाता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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