न अदरक न लौंग… सर्दियों में बनाकर पीएं अश्वगंधा चाय, सर्दी-जुकाम और खांसी की होगी छुट्टी! सीखें बनाने का तरीका
सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी समेत अन्य संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है. कमजोर इम्यूनिटी इन बीमारियों की बड़ी वजह बनती है, इसलिए इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता का खास ख्याल रखना जरूरी है. ऐसे में अश्वगंधा की चाय का सेवन बेहद फायदेमंद है. भारत सरकार का आयुष मंत्रालय अश्वगंधा के साथ ही इसकी चाय से मिलने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी देता है. अब सवाल है कि आखिर अश्वगंधा चाय पीने के फायदे क्या हैं? सर्दियों में क्यों पीएं अश्वगंधा चाय? अश्वगंधा चाय बनाने का तरीका क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-
सर्दियों में क्यों पीएं अश्वगंधा चाय?
आयुर्वेद के अनुसार, सदियों से इस्तेमाल हो रही यह जड़ी-बूटी इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ तनाव कम करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए जानी जाती है. अश्वगंधा की चाय सर्दियों में बेहद फायदेमंद है. यह न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाती है बल्कि जोड़ों के दर्द, गठिया और तनाव में भी राहत देती है.
अश्वगंधा चाय क्या करती है?
आयुर्वेद में अश्वगंधा को रसायन (कायाकल्प करने वाली) जड़ी-बूटी माना जाता है, जो शरीर को ताकत और संतुलन देती है. अश्वगंधा की चाय पीने से कई लाभ मिलते हैं. यह तनाव और चिंता को कम करती है. आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते स्ट्रेस हॉर्मोन (कोर्टिसॉल) को नियंत्रित कर दिमाग को शांत रखती है, जिससे नींद अच्छी आती है और मानसिक थकान दूर होती है.
ठंड में अश्वगंधा चाय पीने के फायदे?
– सर्दियों में इम्यूनिटी कमजोर पड़ने की समस्या आम है, लेकिन अश्वगंधा एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुणों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचाव करती है. यह चाय जोड़ों और गठिया के दर्द में रामबाण साबित होती है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करते हैं, खासकर घुटनों और कमर के दर्द में राहत देते हैं.
– आयुर्वेद के अनुसार, यह वात दोष को संतुलित करती है, जो सर्दियों में जोड़ों की समस्या बढ़ाता है. इसके अलावा, यह ऊर्जा बढ़ाती है, थकान दूर करती है, हार्मोन संतुलन बनाए रखती है और पाचन सुधारती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा चमकदार रहती है. यह स्वास्थ्य भी बेहतर करता है.
– अश्वगंधा की चाय बनाने का तरीका आसान है. एक कप पानी में आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर डालकर उबालें. 5-10 मिनट बाद छानकर स्वाद के लिए उसमें शहद या नींबू मिलाकर पीएं.
– सर्दियों में दिन में एक-दो कप पी सकते हैं. हालांकि, कुछ सावधानियां जरूरी हैं. ज्यादा मात्रा में लेने से पेट खराब, उल्टी, दस्त या सुस्ती हो सकती है. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं, थॉयराइड या ऑटोइम्यून बीमारी वाले लोग बिना डॉक्टर की सलाह के न लें.