ठंड में हेल्थ पावरहाउस है ये छत्तीसगढ़ी बथुआ साग, 20 मिनट में तैयार, स्वाद में लाजवाब – Chhattisgarh News
Bathua Recipe : छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई अपने देसी स्वाद, सादगी और सेहत से भरपूर व्यंजनों के लिए जानी जाती है. सर्दियों के मौसम में खास तौर पर बथुआ भाजी से बनने वाले व्यंजन घर-घर में पसंद किए जाते हैं. बिलासपुर की रसोई में काम कर रही अन्नू बंदे ने बथुआ भाजी, आलू और मटर की सब्जी बनाने की पारंपरिक छत्तीसगढ़िया रेसिपी साझा की है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान और देसी तरीका.
सब्जी बनाने की तैयारी
सबसे पहले बथुआ भाजी को अच्छी तरह साफ कर लिया जाता है और साफ पानी से धोकर एक बर्तन में रख दिया जाता है. इसके बाद मटर को छीलकर दाने अलग कर लिए जाते हैं और आलू को छीलकर छोटे टुकड़ों में काटकर अच्छी तरह धो लिया जाता है. लहसुन और हरी मिर्च को बारीक काटकर अलग रख लिया जाता है.
कढ़ाई में तड़का तैयार करें
एक कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है. तेल गर्म होने के बाद उसमें लहसुन और सूखी मिर्च डालकर खुशबूदार तड़का लगाया जाता है. जब तड़का अच्छे से तैयार हो जाए, तब उसमें कटे हुए आलू डाल दिए जाते हैं.
सब्जी पकाने का पारंपरिक तरीका
आलू जब थोड़े नरम हो जाते हैं, तब उसमें बथुआ भाजी डाल दी जाती है. करीब 5 मिनट बाद मटर डालकर सब्जी को धीमी आंच पर पकाया जाता है. सब्जी जब अच्छी तरह पकने लगती है, तब ऊपर से कटे हुए टमाटर डाले जाते हैं और ढककर करीब 10 मिनट तक पकाया जाता है.
स्वाद और परोसने का तरीका
सब्जी पक जाने के बाद स्वाद अनुसार नमक डाला जाता है. थोड़ी देर में बथुआ भाजी, आलू और मटर की यह पारंपरिक सब्जी पूरी तरह तैयार हो जाती है. इसे गरमा-गरम रोटी या चावल के साथ परोसा जाता है, जिसका स्वाद हर किसी को खूब भाता है.
छत्तीसगढ़िया रसोई की खास पहचान
यह सब्जी न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर भी है. बथुआ भाजी आयरन और फाइबर से भरपूर मानी जाती है, जिससे यह छत्तीसगढ़ की पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक रेसिपी बन जाती है.