Bathua Saag Recipe । सर्दियों में घर पर बनाएं ढाबा स्टाइल बथुआ का साग, जानिए रेसिपी
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Bathua Saag Recipe: बथुआ का साग सर्दियों में स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. सरसों के तेल, देसी घी और हल्के मसालों से बना ढाबा स्टाइल बथुआ साग घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. मक्के की रोटी या गरम पराठों के साथ यह साग सर्दियों की परफेक्ट देसी थाली बनाता है.

Bathua Saag Recipe: सर्दियों का मौसम आते ही बाजार हरी पत्तेदार सब्जियों और देसी सागों से भर जाता है. इस मौसम में खाने का मजा ही कुछ और होता है. गरमागरम रोटियां, देसी घी की खुशबू और साथ में साग की थाली सर्दियों को खास बना देती है. आमतौर पर घरों में सरसों का साग या पालक का साग ज्यादा बनता है, लेकिन एक साग ऐसा भी है जो स्वाद और सेहत दोनों में किसी से कम नहीं और वो है बथुआ का साग. बथुआ साग को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर को गर्म रखने, पाचन सुधारने और कमजोरी दूर करने में बहुत मददगार माना जाता है.

ढाबों पर बनने वाला बथुआ साग खासतौर पर अपने देसी तड़के, सरसों के तेल की खुशबू और हल्के मसालों की वजह से बेहद लाजवाब लगता है. अच्छी बात यह है कि ढाबा स्टाइल बथुआ का साग आप बहुत आसानी से घर पर भी बना सकते हैं. इसके लिए न तो ज्यादा मसालों की जरूरत होती है और न ही कोई लंबी तैयारी. बस सही तरीका और थोड़ा धैर्य चाहिए. आज हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में घर पर ढाबा स्टाइल बथुआ का साग बनाने की पूरी रेसिपी बता रहे हैं, जिसे फॉलो करके आप वही देसी स्वाद पा सकते हैं.

बथुआ का साग सर्दियों में क्यों माना जाता है खास: बथुआ का साग सर्दियों में मिलने वाली सबसे फायदेमंद पत्तेदार सब्जियों में से एक है. इसमें आयरन, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. गांवों में पुराने जमाने से इसे शरीर को डिटॉक्स करने और पेट साफ रखने के लिए खाया जाता रहा है. ठंड के मौसम में बथुआ का साग खाने से शरीर में गर्माहट बनी रहती है और इम्युनिटी भी मजबूत होती है. यही वजह है कि ढाबों और घरों में इसे खास तौर पर सर्दियों में बनाया जाता है.
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ढाबा स्टाइल बथुआ साग बनाने के लिए जरूरी सामग्री: बथुआ का साग बनाने के लिए सबसे जरूरी है ताजा और हरा बथुआ. लगभग पांच सौ ग्राम साफ किया हुआ और कटा हुआ बथुआ लें. ढाबा जैसा स्वाद पाने के लिए सरसों का तेल सबसे जरूरी है, इसलिए दो बड़े चम्मच सरसों का तेल रखें. इसके अलावा देसी घी या मक्खन एक बड़ा चम्मच लें. लहसुन की आठ से दस कलियां बारीक कटी हुई, एक इंच अदरक कद्दूकस किया हुआ, दो से तीन हरी मिर्च बारीक कटी हुई, एक मध्यम प्याज और एक बड़ा टमाटर बारीक कटा हुआ रखें. साग को थोड़ा गाढ़ा और मखमली बनाने के लिए एक बड़ा चम्मच मक्के का आटा लें. मसालों में हींग की एक चुटकी, आधा छोटा चम्मच जीरा, चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक रखें.

बथुआ को उबालने और तैयार करने का सही तरीका: सबसे पहले बथुआ को दो तीन बार अच्छे से धो लें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद कुकर में बथुआ डालें, थोड़ा सा पानी और नमक डालकर एक से दो सीटी आने तक उबाल लें. ध्यान रखें कि ज्यादा पानी न डालें, वरना साग पतला हो जाएगा. कुकर ठंडा होने के बाद बथुआ को मथनी से हल्का मैश कर लें या मिक्सी में दरदरा पीस लें. ढाबा स्टाइल साग में बिल्कुल स्मूद पेस्ट नहीं बनाया जाता, बल्कि हल्का दरदरा टेक्सचर ही सही रहता है.

ढाबा स्टाइल तड़के की खुशबू ऐसे लाएं: अब एक कड़ाही में सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें. जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तब इसमें हींग और जीरा डालें. इसके बाद बारीक कटा हुआ लहसुन डालें और धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. लहसुन की खुशबू आते ही इसमें अदरक और हरी मिर्च डालें. यही स्टेप ढाबा स्टाइल साग की जान होता है.

प्याज टमाटर और मसालों के साथ साग पकाने का तरीका: अब कड़ाही में बारीक कटा हुआ प्याज डालें और हल्का ब्राउन होने तक भूनें. इसके बाद टमाटर और स्वादानुसार नमक डालें. टमाटर को अच्छी तरह गलने दें ताकि मसाले अच्छे से पक जाएं. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें. अगर आप साग को थोड़ा ज्यादा गाढ़ा और मखमली बनाना चाहते हैं तो इसी समय मक्के के आटे को थोड़े पानी में घोलकर डाल दें और अच्छे से चलाएं.

बथुआ डालकर धीमी आंच पर पकाएं: अब मैश किया हुआ बथुआ साग कड़ाही में डालें और सारे मसालों के साथ अच्छे से मिलाएं. साग को धीमी आंच पर दस से बारह मिनट तक पकने दें. बीच बीच में चलाते रहें ताकि साग तले में न लगे. जितनी देर साग पकता है, उतना ही उसका स्वाद और रंग निखरता है.

देसी घी का तड़का और सर्व करने का तरीका: एक छोटे पैन में देसी घी या मक्खन गर्म करें. इसमें सूखी लाल मिर्च और थोड़ा सा बारीक कटा लहसुन डालकर तड़का तैयार करें. इस तड़के को सीधे गरमागरम साग के ऊपर डाल दें. अब आपका ढाबा स्टाइल बथुआ का साग पूरी तरह तैयार है. इसे मक्के की रोटी, बाजरे की रोटी या गरम पराठों के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा सा सफेद मक्खन डाल दें तो स्वाद और भी बढ़ जाता है.